विदेश की खबरें | हर्ड और डेप के मुकदमे से परस्पर हिंसा के मामलों को समझने का अवसर मिलता है
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ह्यूस्टन, तीन जून (द कन्वरसेशन) अभिनेता जॉनी डेप और एम्बर हर्ड के बीच चली अदालती जंग और इस चर्चित मामले के इर्दगिर्द मीडिया में उपजे शोर शराबे के परे जाकर देखें तो अमेरिका की कई औरतों और पुरुषों से जुड़े इसी प्रकार के मुद्दे सामने आएंगे।
ह्यूस्टन, तीन जून (द कन्वरसेशन) अभिनेता जॉनी डेप और एम्बर हर्ड के बीच चली अदालती जंग और इस चर्चित मामले के इर्दगिर्द मीडिया में उपजे शोर शराबे के परे जाकर देखें तो अमेरिका की कई औरतों और पुरुषों से जुड़े इसी प्रकार के मुद्दे सामने आएंगे।
मानहानि के इस मामले पर अदालत ने एक जून 2022 को डेप के पक्ष में फैसला दिया था। यह मामला साथ रहने वाले ‘पार्टनर’ के प्रति हिंसा पर केंद्रित था। अमेरिका में हर साल 66 लाख महिलाएं और 58 लाख पुरुष अपने पार्टनर द्वारा की गई हिंसा या ‘इंटिमेट पार्टनर वायलेंस’ (आईपीवी) के शिकार होते हैं।
हर्ड ने वाशिंगटन पोस्ट में एक लेख लिखकर “घरेलू हिंसा के अनुभवों” को साझा किया था जिसके बाद डेप ने हर्ड के विरुद्ध मानहानि का मामला दर्ज कराया था। ज्यूरी ने हर्ड को डेप की मानहानि करने का दोषी पाया और एक करोड़ डॉलर देने का फैसला सुनाया।
इसके साथ ही ज्यूरी ने यह भी पाया कि डेप के एक वकील द्वारा हर्ड की मानहानि हुई, जिसके बाद डेप को निर्देश दिया गया कि वह हर्ड को बीस लाख डॉलर अदा करें। विषय की जानकार होने और आईपीवी के जटिल पक्षों को लोगों के सामने लाने की इच्छा के चलते मैं डेप और हर्ड के मुकदमे के प्रति मिश्रित विचार रखती हूं।
इस मामले पर हुई चर्चा से आईपीवी की जटिलताओं पर खुलकर बहस करने का अवसर मिला जिन्हें अकसर नजरअंदाज किया जाता है हालांकि, बहुत से लोग इसे एक प्रकार का मनोरंजन मानते हैं। डेप और हर्ड के मामले से इतर, दुनियाभर में महिलाएं और पुरुष दोनों आईपीवी का अनुभव करते हैं।
अनुसंधान में सामने आया है कि अमेरिका में लगभग हर चार में से एक महिला और 10 में से एक पुरुष, आईपीवी और उसके नकारात्मक पक्ष, जैसे कि डर, सुरक्षा के प्रति चिंता या चोट का शिकार हुआ है। कोविड-19 महामारी के दौरान अकेले रहने और वित्तीय समस्याओं के कारण भी आईपीवी की घटनाओं में इजाफा हुआ।
आईपीवी के कुछ मामले एक पक्षीय होते हैं, अर्थात ऐसे मामले जहां कोई महिला या पुरुष अपने साथी के प्रति हिंसा करता है। डेप और हर्ड के मामले में ऐसे साक्ष्य सामने आए जिससे पता चला कि दोनों संबंध में रहते हुए एक दूसरे के प्रति हिंसा करते थे।
वर्ष 2012 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आईपीवी के औसतन पांच में से तीन मामले ‘द्विपक्षीय’ थे अर्थात ऐसे मामलों में महिला और पुरुष दोनों अपने साथियों के प्रति हिंसा करते थे। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं कि पार्टनर के बीच हिंसा की आवृत्ति, गंभीरता, मकसद और परिणाम एक समान हों।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)