देश की खबरें | उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने माना कि फिरोजाबाद में वायरल एवं डेंगू बुखार से 41 मौतें हुई हैं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इनमें ज्यादातर बच्चे हैं जिन्हें निर्जलीकरण, पेट दर्द, प्लेटलेट गिरने के साथ बहुत तेज बुखार हुआ है और अनायास ही वे मौत का शिकार हुए हैं।
इनमें ज्यादातर बच्चे हैं जिन्हें निर्जलीकरण, पेट दर्द, प्लेटलेट गिरने के साथ बहुत तेज बुखार हुआ है और अनायास ही वे मौत का शिकार हुए हैं।
अपर निदेशक स्वास्थ्य आगरा मंडल ए के सिंह एवं फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ संगीता अनेजा ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और वार्ड में मरीजों का हाल भी जाना।
बाद में अनेजा एवं सिंह ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि अब तक 41 लोगों की वायरल एवं डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है, जिसमें 36 लोग शहर के हैं जबकि पांच ग्रामीण क्षेत्र से हैं । उन्होंने बताया कि 18 सदस्यीय चिकित्सा दल अलग अलग टुकडियों में मेरठ, आगरा एवं कानपुर से फिरोजाबाद पहुंच चुका है। इसके अलावा सर्विलांस की टीम भी प्रभावित क्षेत्रों में घूमकर इस बात का पता लगा रही है कि जिन मच्छरों से यह बुखार फैल रहा है वह किस प्रकार :वैरीअंट: का है।
बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने वायरल एवं डेंगू बुखार से हुई मौतों पर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया हैं ।
इससे पहले फिरोजाबाद सदर क्षेत्र से भाजपा विधायक मनीष असीजा ने कहा था कि इस मच्छर जनित बीमारी से जिले में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। उन्होंने बताया था कि सोमवार रात तीन लोगों तथा मंगलवार को दो लोगों की मौत के साथ जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने फिरोजाबाद जिले में डेंगू के कारण हुई मौतों के मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी का तबादला कर दिया।
बुधवार को अनेजा ने बताया कि अब तक 538 लोग पिछले एक सप्ताह में मेडिकल कॉलेज में अपना परीक्षण करा चुके हैं, जिसमें 126 मामलों में डेंगू पॉजिटिव आया है। उन्होंने बताया कि वे सभी एंटीजन टेस्ट के द्वारा जांचे गए हैं, मेडिकल कॉलेज द्वारा 27 नमूने एलाइजा के लखनऊ परीक्षण के लिए भेजे गए थे जिनमें 22 नमूनों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
उन्होंने बताया कि अभी तक जितने भी नमूने लिये गए हैं, उनमें किसी में भी कोविड-19 संक्रमण नहीं पाया गया है। उनका कहना था कि अचानक पानी की कमी एवं पेट में संक्रमण के साथ तेज बुखार आने के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और वह मौत का शिकार हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सर्विलांस की टीम लगातार इस बात का पता लगा रही है कि किस वैरीअंट का वायरस फिरोजाबाद जनपद क्षेत्र में फैला हुआ है। उनके अनुसार फिरोजाबाद की तरह मथुरा में भी डेंगू का कहर जारी है जिसमें यह पाया गया है कि जो बुखार है वह पशु जनित भी हो रहा है। हम लोग इसकी भी जांच कर रहे हैं ।
उन्होंने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की 11 सदस्यीय दल आज बुधवार रात तक फिरोजाबाद पहुंच जाएगी और वह इस वेरिएंट का जांच कर पता लगाएगी।
अनेजा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 300 बिस्तरों की क्षमता हैं, जिसमें से 240 बिस्तर रोगियों से भरे हुए हैं। उनके अनुसार 100 बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, इसी कड़ी में 35 नमूने केजीएमसी लखनऊ जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट देर रात्रि तक मिल जाएगी वहीं इनमें से कुछ नमूने नेशनल वायरोलॉजी लैब पुणे भी भेजे गए हैं जिनकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।
विधायक मनीष असीजा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में 25 जगह कैंप लगाकर डेंगू के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा किसी भी गंभीर रोगी को तत्काल मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक्स आइसोलेशन वार्ड में भेजने के लिए एंबुलेंस लगी हुई है। खून की जांच एवं 20000 से कम प्लेटलेट्स वालों को तत्काल प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में डेंगू और अन्य तरह के बुखार से लोगों की मौतों पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य की भाजपा सरकार पर केवल सत्ता बचाने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया।
अखिलेश ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में लचर स्वास्थ्य सेवाओं के कारण जनता बेहाल है। बारिश और जलभराव के कारण संचारी रोग तेजी से फैल रहे हैं। जलजनित बीमारियों से संक्रमित रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की ओर से संक्रमण रोकने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहा है ।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि फिरोजाबाद में डेंगू और वायरल से 56 मौत होने के बाद भी शासन-प्रशासन की नींद नहीं टूटी। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार सिर्फ सत्ता बचाने की जुगत में जुटी है जबकि राजधानी लखनऊ और समीपवर्ती जिले टाइफाइड की चपेट में हैं।
मायावती ने बुधवार को कहा , ‘‘प्रदेश अभी कोरोना संक्रमण के प्रकोप से अभी उबरा भी नहीं है कि बाढ़ की समस्या के साथ-साथ डेंगू आदि बुखार से भारी संख्या में बच्चों की हो रही मौतों की खबर अति-दुःखद व अति-चिन्तनीय है, जिसके प्रति सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है, वरना फिर हालात के बेकाबू होने से पूरे राज्य में लोग और भी ज्यादा परेशान होंगे ।’’
उन्होंने पार्टी के लोगों को निर्देश दिया कि वे लोग अपनी हैसियत के हिसाब से मुसीबतजदा लोगों की यथासंभव मदद उसी प्रकार से करते रहें जिस प्रकार से उन्होंने खासकर कोरोना प्रकोप के दौरान लोगों को सहायता प्रदान की है।
गौरतलब हैं कि पिछले लगभग दो सप्ताह से फिरोजाबाद में वायरल बुखार का तेजी से फैलता संक्रमण धीरे-धीरे डेंगू में परिवर्तित हुआ और पिछले एक सप्ताह में डेंगू का प्रकोप जनपद के शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में फैला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 अगस्त को फिरोजाबाद पहुंचे थे और बीमारी से पीड़ित लोगों का हाल जानने के साथ-साथ इसे नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे।
सं जफर सलीम
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2021 08:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

