देश की खबरें | उप्र के राज्यपाल ने कोरोना काल में सरकार के कार्यों की सराहना की, उपलब्धियां गिनाईं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के विधान मंडल के बजट सत्र की शुरुआत के पहले दिन बृहस्पतिवार को सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुये राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की और किसानों के हित में चलाई गई योजनाओं का ब्यौरा दिया।
लखनऊ, 18 फरवरी उत्तर प्रदेश के विधान मंडल के बजट सत्र की शुरुआत के पहले दिन बृहस्पतिवार को सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुये राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की और किसानों के हित में चलाई गई योजनाओं का ब्यौरा दिया।
विपक्षी सदस्यों के शोरशराबे तथा समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बहिर्गमन के बीच अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा, ‘‘कोरोना काल में जिस तरह से प्रदेश सरकार ने कार्य किये, उसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की है। प्रदेश में अब 125 सरकारी और 104 निजी प्रयोगशालायें है जहां कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। प्रदेश में करीब दो लाख कोरोना जांच प्रतिदिन की जा रही है और टीकाकरण का काम भी बहुत तेजी से हो रहा है।’’
करीब छह मिनट की देरी से अभिभाषण की शुरुआत करने पर विपक्षी सदस्यों ने एतराज जताया और सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि राज्यपाल अभिभाषण पढ़ना नहीं चाहती थी लेकिन मुख्यमंत्री के अनुरोध के बाद वह पढ़ने को तैयार हुयी । नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा ने मांग की कि राज्यपाल का अभिभाषण फिर से पढ़वाया जाए।
राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करते हुए समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
विपक्ष के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों का पन्ना होता है, लेकिन आज जिस प्रकार से विपक्ष ने गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाया है, वह निंदनीय है।
करीब 42 मिनट के अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान जान गंवाने वाले कोरोना योद्धाओं, प्रदेश सरकार के मंत्री चेतन चौहान व कमल रानी वरुण तथा विधान परिषद सदस्य श्रीराम सिंह यादव के निधन पर उनको श्रद्धांजलि भी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना काल के दौरान प्रदेश सरकार ने दूसरे प्रदेशों के श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने का काम तो किया ही साथ ही कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों से सकुशल उनके घर पहुंचाया।’’
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश में कोई भी चीनी मिल बंद नहीं हुई।
किसानों और गन्ना किसानों के लिए चलाई गई योजनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा देते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसी चीनी मिल परिसर में कोई भी किसान कोरोना से पीडि़त नहीं हुआ। उन्होंने कहा '' मेरी सरकार द्वारा अब तक लगभग एक लाख 23 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है जिससे 46 लाख से अधिक गन्ना किसान लाभान्वित हुए हैं।''
राज्यपाल ने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2020-21 में कोविड-19 के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बाद भी प्रदेश में छह लाख 63 हजार से अधिक किसानों से 35 लाख 76 हजार मीट्रिक टन गेहूं क्रय किया गया है।
उन्होंने कहा कि अब तक रिकार्ड 65 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीद की जा चुकी है।
उन्होंने किसानों के हित में चलाई गई अन्य योजनाएं भी गिनाईं। पटेल ने कहा दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए 'गोकुल पुरस्कार' एवं भारतीय गोवंश की गाय से सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक को 'नंद बाबा पुरस्कार' प्रदान किये जा रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा, ‘‘प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और माफियाओं की संपत्ति को जब्त किया। उन्होंने कहा कि अब तक एक हजार से अधिक माफिया को जेल भेजा गया तथा अनेक ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। सार्वजनिक भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाये जाने और भू माफिया के खिलाफ की गई कार्रवाई के तहत 67 हजार हेक्टेयर भूमि से ज्यादा अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया और 2339 अतिक्रमणकर्ताओं को भूमाफिया के रूप में चिन्हित करते हुए 182 भूमाफिया को जेल में भेजा गया है।’’
अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा '' मेरी सरकार ने कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा पूज्य संतों तथा अन्य गणमान्यों की उपस्थिति में अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का शुभारंभ कुशलता पूर्वक संपन्न किया जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री व देश की न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।''
उन्होंने कहा कि ''मुझे हर्ष हो रहा है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर 'अयोध्या: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर' नामक प्रदेश की भव्य झांकी को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।''
सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा ''कोरोना संकट के पश्चात प्रदेश एक नई ऊर्जा के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिये तैयार है और निवेश को आकर्षित करने की प्रतिबद्धता, कानून व्यवस्था में निरंतर सुधार तथा सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश 'ईज आफ डूइंग बिजनेस' रैकिंग में देश में दूसरे स्थान पर आ गया है।''
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इंवेस्टर समिट के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं और समिट में 4.68 लाख करोड़ के निवेश प्राप्त हुए जिनमें करीब तीन लाख करोड़ की परियोजनाएं सक्रिय रूप से संचालित हो गई हैं। कोरोना कालखंड में निवेश आकर्षित करने के लिए इन्वेस्ट यूपी के अन्तर्गत हेल्पडेस्क स्थापित की गई थी, जिसके फलस्वरूप अब तक 56 परियोजनाओं हेतु 45 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश इलनेक्ट्राानिक विनिर्माण नीति-2017 में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश तथा 2022 तक न्यूनतम तीन लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार के लक्ष्य रखे गये थे जिसे तीन वर्षों में ही अर्जित कर लिया गया। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक विनिर्माण नीति-2020 अधिसूचित की गई है जिसके अन्तर्गत पांच वर्षों में 40 हजार करोड़ के निवेश तथा चार लाख लोगों के रोजगार सृजन का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि '' मेरी सरकार द्वारा प्रदेश को एक प्रमुख निर्यातक राज्य के रूप में स्थापित किये जाने का कार्य किया जा रहा है तथा इसी क्रम में निर्यात नीति 2020-25 का प्रख्यापन किया गया है। प्रदेश निर्यात के एक 'हब' के रूप में विकसित हुआ है।
प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए राज्यपाल ने कहा कि अनवरत विद्युत आपूर्ति के लिए पारेषण तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास किये गये हैं और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए कई कदम उठाये गये हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के अन्तर्गत प्रदेश में ई-चालान की व्यवस्था आरंभ की गई है और सरकार के प्रयासों से 2020 में विगत वर्ष की अपेक्षा सड़क दुर्घटनाओं में 19 प्रतिशत और मृत्यु में 15 प्रतिशत की कमी आई है।
जेलों के आधुनिकीकरण, परिवार न्यायालयों के गठन समेत तमाम उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगभग दो करोड़ 27 लाख व्यक्तिगत एवं 45 हजार सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र की उपलब्धियों का वर्णन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन मंडल मुख्यालयों पर प्रारंभ किया गया है, जिसे अगले चरण में प्रत्येक जिले स्तर पर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 से प्रदेश के डिग्री इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश राष्ट्रीय स्तर पर दो बार आयोजित होने वाली इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई (मेन) के माध्यम से कराया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष करते हुए उन्हें रोजगार से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसकी पूर्ति के लिए सरकार ने अपने कार्यकाल के सवा करोड़ युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश की 35 असेवित विधानसभा क्षेत्रों में नये राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षक संस्थान की स्थापना की जा रही है, जिनके संचालित होने से 18 हजार नई सीटें युवाओं के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की कर्मभूमि चित्तौरा, बहराइच में उनके स्मारक का निर्माण एवं भव्य प्रतिमा की स्थापना का कार्य प्रधानमंत्री के कर कमलों से आरंभ हो गया है।
राज्यपाल ने कहा कि विधान मंडल दल के सदस्यों के लिए दारुलशफा परिसर में 40 आवासों का एक दस मंजिला बहुखंडीय भवन निर्मित किये जाने की योजना स्वीकृत की गई है और लखनऊ आने वाले अतिथियों की सुविधा के लिए बटलर पैलेस कालोनी में 73 कक्षों के एक उच्च स्तरीय अतिथि गृह का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। दिल्ली में प्रदेश के तीसरे 32 कक्षों के अतिथि गृह का निर्माण कार्य भी पूरा करा लिया गया है।
श्रमिकों को मिलने वाली सुविधा तथा प्रदेश के 41 जिलों में संचालित कर्मचारी राज्य बीमा योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण अनुमन्य किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश लोकसेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 2020 प्रख्यापित किया गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के अन्तर्गत सात करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं।
आनन्द जफर
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