देश की खबरें | कर्नाटक के राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया
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धारवाड़ (कर्नाटक), 14 मई कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने युवा स्नातकों से भारत के कृषि परिदृश्य में बदलाव लाने का बुधवार को आह्वान किया और भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने में कृषि आधारित स्टार्टअप की अपार संभावनाओं पर जोर दिया।
उन्होंने यहां कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएएस) के 38वें दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातकों से कहा, ‘‘जैविक उत्पाद विपणन, खेत से बाजार तक संपर्क, ‘कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स’ और कृषि पर्यटन जैसे क्षेत्र युवा उद्यमिता के लिए व्यापक अवसर प्रस्तुत करते हैं।’’
छात्रों को स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय पहल से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए राज्यपाल ने राष्ट्रीय विकास में कृषि के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
राज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘भारत की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए कृषि विश्वविद्यालयों की भूमिका शिक्षा के अलावा सामाजिक-आर्थिक विकास का केंद्र बनने तक भी है।’’
उन्होंने जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण, जल की कमी और किसानों के बीच आय अस्थिरता जैसी समकालीन कृषि चुनौतियों से निपटने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘इन चुनौतियों पर केवल वैज्ञानिक नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशीलता की भावना से ही काबू पाया जा सकता है।’’
राज्यपाल गहलोत ने आधुनिक कृषि में उन्नत प्रौद्योगिकियों के एकीकरण की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और प्रयोगशाला अनुसंधान को क्षेत्र में व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने के लिए अधिक प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने छात्रों से कहा, ‘‘स्मार्ट कृषि ही आगे बढ़ने का रास्ता है और आप जैसे स्नातकों को इस बदलाव का अग्रदूत बनना चाहिए।’’
रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की रक्षा के लिए जैविक और प्राकृतिक खेती जैसी टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया।
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