देश की खबरें | अरुणाचल के राज्यपाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' में भूमिका के लिए सशस्त्र बलों को सम्मानित किया

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ईटानगर, 31 मई अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के टी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की सीमा सुरक्षा रणनीति में एक निर्णायक क्षण बताते हुए सशस्त्र बलों को सम्मानित किया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।

राज्यपाल ने कहा कि मजबूत राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में संचालित किये गये इस अभियान ने संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में एक मजबूत प्रतिरोध नीति को आकार देने में योगदान दिया है।

लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समय के साथ चलने के लिए सशस्त्र बलों से प्रौद्योगिकी के उपयोग में निरंतर नवाचार और निरंतर सतर्कता बरतने का आग्रह किया।

राज्यपाल ने यहां राजभवन में एक समारोह के दौरान 13 राजपूताना राइफल्स, 9 ग्रेनेडियर्स और 31 असम राइफल्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

राजपूताना राइफल्स (थंडरिंग थर्टीन) की 13वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संगम कुमार ने सूबेदार मेजर भोम सिंह राठौर और अग्निवीर वाइबिन ए के साथ प्रशस्ति पत्र ग्रहण किया।

ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट (मेवाड़) की 9वीं बटालियन से कर्नल सौरभ शर्मा, सूबेदार मेजर महावीर और ग्रेनेडियर धर्मवीर को सम्मानित किया गया।

असम राइफल्स की 31वीं बटालियन की ओर से कर्नल दुष्यंत सिंह लांबा, सूबेदार मेजर बनवारी लाल शर्मा और राइफलमैन के आई सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

परनाइक ने अपने संबोधन में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की सुरक्षा और भारत-म्यांमा सीमा के प्रबंधन हेतु अथक प्रतिबद्धता के लिए सशस्त्र बलों की प्रशंसा की तथा सुरक्षा और समन्वय में स्पष्ट सुधार पर प्रकाश डाला।

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