जरुरी जानकारी | टाटा कॉम में सरकार की 16.12 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को पहले दिन जोरदार प्रतिक्रिया मिली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. डीआईपीएएम सचिव तुहिन कांत पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड (टीसीएल) में सरकार की 16.12 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को संस्थागत निवेशकों की जोरदार प्रतिक्रिया मिली है।

नयी दिल्ली, 16 मार्च डीआईपीएएम सचिव तुहिन कांत पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड (टीसीएल) में सरकार की 16.12 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री पेशकश (ओएफएस) को संस्थागत निवेशकों की जोरदार प्रतिक्रिया मिली है।

पाण्डेय ने ट्वीट किया, ‘‘टीसीएल में सरकारी शेयरों की बिक्री पेशकश को पहले दिन जोरदार प्रतिक्रिया मिली। निर्गम को गैर-खुदरा निवेशकों द्वारा निचली कीमत से ऊपर 2.19 गुना अभिदान मिला। सरकार ने ग्रीन शू विकल्प के इस्तेमाल करने का फैसला किया है।’’

ग्रीन शू विकल्प के इस्तेमाल का अर्थ है कि सरकार निवेशकों की जोरदार प्रतिक्रिया को देखते हुए और अधिक शेयरों की पेशकश करेगी।

निर्गम बुधवार को खुदरा निवेशकों के लिए खुलेगा।

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी वीएसएनएल का निजीकरण 2002 में किया गया था। इसके तहत 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश प्रबंधन हस्तांतरण के साथ पैनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड को किया गया।

इस रणनीतिक विनिवेश के बाद कंपनी का नाम बदलकर टाटा कम्यूनिकेशंस लिमिटेड कर दिया गया।

टाटा कम्युनिकेशंस में प्रवर्तकों की 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें से भारत सरकार के पास 26.12 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि पैनाटोन फिनवेस्ट लिमिटेड के पास 34.80 प्रतिशत और टाटा संस के पास 14.07 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बाकी 25.01 प्रतिशत हिस्सा आम निवेशकों के पास है।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) ने चालू वित्त वर्ष के दौरान टीसीएल में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई है।

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