देश की खबरें | बंगाल सरकार को स्कूलों में अमान्य घोषित पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए: माकपा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. माकपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को उच्चतम न्यायालय द्वारा लगभग 26,000 शिक्षकों की नियुक्ति को अमान्य करार दिए जाने के बाद पैदा हुई रिक्तियों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए अन्यथा इससे राज्य की शिक्षा प्रणाली प्रभावित होगी।
कोलकाता, तीन अप्रैल माकपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को उच्चतम न्यायालय द्वारा लगभग 26,000 शिक्षकों की नियुक्ति को अमान्य करार दिए जाने के बाद पैदा हुई रिक्तियों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए अन्यथा इससे राज्य की शिक्षा प्रणाली प्रभावित होगी।
इससे पहले दिन में उच्चतम न्यायालय ने एक फैसले में राज्य सरकार द्वारा संचालित और राज्य से सहायता प्राप्त स्कूलों में 25,753 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति को अवैध करार दिया था और पूरी चयन प्रक्रिया को "त्रुटिपूर्ण" करार दिया था।
पश्चिम बंगाल में माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि राज्य के स्कूलों में शिक्षा प्रणाली प्रभावित होगी क्योंकि बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी चली गई है।
सलीम ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुरूप राज्य सरकार को फैसले के बाद रिक्त हुए पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी कलकत्ता उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल 2024 के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा, ‘‘चयन की विश्वसनीयता और वैधता कम हो गई है, इसलिए हमें इसे (उच्च न्यायालय के आदेश को) कुछ संशोधनों के साथ बरकरार रखना होगा।’’
माकपा नेता ने दावा किया कि ममता बनर्जी सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में अवैधता के कारण राज्य की शिक्षा प्रणाली को भ्रष्ट कर दिया है।
सलीम ने दावा किया कि लगभग 26,000 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नौकरियां जाने से लगभग एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा, "यह पता लगाया जाना चाहिए कि किसकी गलती से इतनी बड़ी संख्या में नौकरियां गईं।"
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