जरुरी जानकारी | सरकार ने कारोबार, पेशे से आय वाले व्यक्तियों, एचयूएफ के लिए आईटीआर-तीन अधिसूचित किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयकर विभाग ने कारोबार या पेशे से आय वाले व्यक्तियों और अविभाजित हिंदू परिवारों (एचयूएफ) के लिए आईटीआर फॉर्म-तीन को अधिसूचित किया है।
नयी दिल्ली, दो मई आयकर विभाग ने कारोबार या पेशे से आय वाले व्यक्तियों और अविभाजित हिंदू परिवारों (एचयूएफ) के लिए आईटीआर फॉर्म-तीन को अधिसूचित किया है।
कर विभाग ने बृहस्पतिवार को एक्स पर लिखा कि आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर-तीन को 30 अप्रैल को अधिसूचित किया गया है।
आईटीआर-तीन उन व्यक्तियों और एचयूएफ द्वारा दाखिल किया जाता है जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से होती है।
'अनुसूची एएल' के तहत संपत्ति और देनदारियों की जानकारी देने के लिए सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे मध्यम आय वाले करदाताओं पर खुलासे का बोझ कम हो गया है।
आयकर रिटर्न (आईटीआर) की अनुसूची पूंजी लाभ अब पूंजीगत लाभ को इस आधार पर विभाजित किया जाना चाहिए कि यह 23 जुलाई, 2024 से पहले या बाद में हुए हैं।
सरकार ने इस साल के बजट में रियल एस्टेट पर दीर्घावधि पूंजीगत लाभ कर को इंडेक्सेशन के साथ 20 प्रतिशत और इंडेक्सेशन लाभ के बिना 12.5 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव किया था।
कर सलाहकार फर्म एकेएम ग्लोबल के पार्टनर संदीप सहगल ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 2025-26 के लिए आईटीआर फॉर्म-तीन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे कारोबार या पेशेवर आय वाले व्यक्तियों और एचयूएफ के लिए अनुपालन आसान हो गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)