जरुरी जानकारी | सरकार ने कैब कंपनियों को ‘व्यस्त समय’ में आधार मूल्य का दोगुना किराया वसूलने की अनुमति दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सड़क परिवहन मंत्रालय ने उबर, ओला और रैपिडो जैसी कैब सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों (कैब एग्रीगेटर) को ‘पीक ऑवर’ (व्यस्त समय) के दौरान आधार मूल्य का दोगुना तक किराया वसूलने की अनुमति दे दी है। अभी तक यह डेढ़ गुना है। गैर व्यस्त समय के लिए किराया आधार मूल्य का न्यूनतम 50 प्रतिशत होना चाहिए।
नयी दिल्ली, दो जुलाई सड़क परिवहन मंत्रालय ने उबर, ओला और रैपिडो जैसी कैब सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों (कैब एग्रीगेटर) को ‘पीक ऑवर’ (व्यस्त समय) के दौरान आधार मूल्य का दोगुना तक किराया वसूलने की अनुमति दे दी है। अभी तक यह डेढ़ गुना है। गैर व्यस्त समय के लिए किराया आधार मूल्य का न्यूनतम 50 प्रतिशत होना चाहिए।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अपने ‘मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश-2025’ में कहा है कि ‘एग्रीगेटर को उप-खंड (17.1) के तहत निर्दिष्ट आधार किराये से न्यूनतम 50 प्रतिशत कम किराया लेने तथा अधिकतम दोगुना मूल्य निर्धारण की अनुमति होगी।”
इसके अलावा, निश्चित आधार किराया न्यूनतम तीन किलोमीटर के लिए होगा, ताकि ‘डेड माइलेज’ की भरपाई की जा सके। इसमें बिना यात्री के तय की गई दूरी, यात्रा वाली दूरी और यात्री को लेने के लिए उपयोग किया गया ईंधन शामिल है।
दिशानिर्देशों के अनुसार, मोटर वाहन की संबंधित श्रेणी या वर्ग के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किराया, एग्रीगेटर से सेवाएं प्राप्त करने वाले यात्रियों के लिए देय आधार किराया होगा।
राज्यों को तीन महीने के भीतर संशोधित दिशानिर्देशों को अपनाने की सलाह दी गई है।
कैब रद्दीकरण के मामले में, अगर रद्दीकरण, एग्रीगेटर द्वारा वैध कारण के बिना किया जाता है तो चालक पर किराये का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा, जो 100 रुपये से अधिक नहीं होगा।
बिना किसी वैध कारण के टिकट रद्द करने पर यात्री पर भी इसी प्रकार का जुर्माना लगाया जाएगा।
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि केंद्र सरकार एग्रीगेटर के रूप में लाइसेंस के लिए आवेदन की एकल-खिड़की मंजूरी को एक पोर्टल विकसित और नामित करेगी।
इसमें कहा गया, “एग्रीगेटर द्वारा देय लाइसेंस शुल्क पांच लाख रुपये होगा और लाइसेंस जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए वैध होगा।”
एग्रीगेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि ड्राइवर (वाहन चालकों) के पास कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा तथा 10 लाख रुपये का ‘टर्म’ बीमा हो।
दिशानिर्देशों में यह भी निर्दिष्ट किया गया है कि एग्रीगेटर द्वारा एक शिकायत अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
दिशानिर्देशों के अनुसार, “एग्रीगेटर को ऐसे वाहनों को शामिल नहीं करना चाहिए जो प्रारंभिक पंजीकरण की तारीख से आठ वर्ष से अधिक समय से पंजीकृत हैं और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके द्वारा शामिल किए गए सभी वाहन प्रारंभिक पंजीकरण की तारीख से आठ वर्ष से अधिक समय से पंजीकृत नहीं होना चाहिए।”
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, एग्रीगेटर्स को वाहन में ‘वाहन लोकेशन और ट्रैकिंग उपकरण’ (वीएलटीडी) की स्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। यह उपकरण हर समय सक्रिय होना चाहिए।
इसके अलावा, कैब एग्रीगेटर को यह सुनिश्चित करना होगा कि चालक ‘इन-बिल्ट मैकेनिज्म’ के माध्यम से ऐप में बताए गए मार्ग का अनुसरण करे। यदि कैब चालक ऐसा नहीं करता है तो ऐप नियंत्रण कक्ष को संकेत देगा, जो तुरंत चालक और यात्री से संपर्क करेगा।
दिशानिर्देशों के अनुसार, एग्रीगेटर को एक सक्रिय टेलीफोन नंबर और ई-मेल पते के साथ एक कॉल सेंटर स्थापित करना होगा, जो इसकी वेबसाइट और ऐप पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होगा, जो 24 घंटे और सभी दिन परिचालन में रहेगा और अंग्रेजी के साथ-साथ राज्य की आधिकारिक में सहायता प्रदान करेगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 03:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

