एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | बीजद के पूर्व विधायक ने पटनायक पर झूठ बोलने और वक्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व विधायक प्रवत त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर वक्फ विधेयक से जुड़े मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास करने तथा क्षेत्रीय दल से उनके निष्कासन के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया।

देश की खबरें | बीजद के पूर्व विधायक ने पटनायक पर झूठ बोलने और वक्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया

भुवनेश्वर, 10 अप्रैल बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व विधायक प्रवत त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक पर वक्फ विधेयक से जुड़े मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास करने तथा क्षेत्रीय दल से उनके निष्कासन के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया।

वक्फ संशोधन विधेयक पर मतदान के मुद्दे को लेकर विपक्षी बीजद में जारी खींचतान के बीच त्रिपाठी के आरोपों से पार्टी के भीतर की कलह खुलकर सामने आने लगी है।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पटनायक ने बुधवार को मीडिया को दिए अपने बयान में वक्फ विधेयक पर मतदान के मुद्दे पर कुछ नहीं कहा जबकि इस विधेयक पर मतदान को लेकर अंतिम समय में बीजद के रुख में बदलाव से पार्टी और राज्य में राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है।

त्रिपाठी ने दावा किया, ‘‘उन्होंने (पटनायक) मेरे निलंबन पर झूठ बोला। पार्टी ने 2017 में मेरे खिलाफ कार्रवाई वापस ले ली थी। मैंने पार्टी से मेरा निलंबन रद्द करने का आग्रह नहीं किया, लेकिन उन्होंने (पटनायक) मेरी अहमियत को ध्यान में रखते हुए इसे रद्द कर दिया। इसलिए, मैंने 2019 और 2024 के चुनावों के दौरान बीजद के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार किया।’’

अपने करीबी सहयोगी वी के पांडियन को क्लीनचिट देते हुए बीजद अध्यक्ष ने कहा है कि त्रिपाठी को कुछ साल पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।

पूर्व बीजद विधायक प्रवत त्रिपाठी ने पिछले चुनाव में पार्टी की हार के लिए सीधे तौर पर पांडियन को जिम्मेदार ठहराया था। इसका संदर्भ देते हुए पटनायक ने कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि पूर्व विधायक को कुछ साल पहले पार्टी से निकाल दिया गया था क्योंकि उन पर चिट-फंड मामले में आरोप लगे थे और वह कुछ साल जेल में रहे थे। मैं फिर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि वे पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं।’’

पटनायक के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व विधायक ने कहा, ‘‘मैं बुधवार शाम तक बीजद का सदस्य था। 2019 के चुनावों के दौरान, बीजद अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्यमंत्री उस बैठक में मौजूद थे, जिसे मैंने संबोधित किया था। मैंने कोविड महामारी के बाद कटक जिले में पार्टी के कार्यक्रमों में भी भाग लिया था।’’

त्रिपाठी ने अपने दावे को सही ठहराने के लिए दस्तावेज और तस्वीरें भी दिखाईं।

बीजद ने त्रिपाठी के आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पार्टी कार्यकर्ताओं का एक वर्ग राज्यसभा में वक्फ विधेयक का विरोध करने के बीजद के आधिकारिक निर्णय को बदलने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

राज्यसभा में वक्फ विधेयक पर मतदान के दौरान कुछ बीजद सदस्यों का समर्थन मिला। पार्टी के राज्यसभा नेता सस्मित पात्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘सदस्यों पर कोई व्हिप लागू नहीं है और वे अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान कर सकते थे।’’

हालांकि, बीजद के कई नेताओं ने पांडियन पर निशाना साधा और उन पर अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने का निर्देश देने का आरोप लगाया। बीजद ने इससे पहले अपनी संसदीय दल की बैठक में विधेयक का विरोध करने का निर्णय लिया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2025 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).