देश की खबरें | ओडिशा में आग से झुलसी पीड़िता को विमान से दिल्ली ले जाया गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा के पुरी जिले में तीन अज्ञात बदमाशों द्वारा आग के हवाले की गई 15 वर्षीय लड़की को रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुनवेश्वर से विमान के जरिए दिल्ली ले जाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भुवनेश्वर, 20 जुलाई ओडिशा के पुरी जिले में तीन अज्ञात बदमाशों द्वारा आग के हवाले की गई 15 वर्षीय लड़की को रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुनवेश्वर से विमान के जरिए दिल्ली ले जाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जगमोहन मीणा ने संवाददाताओं को बताया कि मरीज को एम्स भुवनेश्वर से बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ले जाने के लिए हरित गलियारा बनाया गया और पुलिस बल की एक प्लाटून तैनात की गई थी।
भुवनेश्वर यातायात डीसीपी तपन कुमार मोहंती ने बताया कि एम्बुलेंस एम्स भुवनेश्वर से मरीज को लेकर 10 से 12 मिनट में हवाई अड्डे पहुंच गई। उन्होंने कहा कि उसे एक समर्पित मेडिकल टीम के साथ उन्नत उपकरणों से लैस एक एम्बुलेंस में ले जाया गया।
स्वास्थ्य सेवा के संदर्भ में हरित गलियारे का मतलब प्रतिरोपण के लिए अंगों या गंभीर रूप से बीमार मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस के मार्ग से वाहनों एवं अन्य अवराधकों को हटाना है ताकि ये एम्बुलेंस कम से कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
उन्होंने बताया कि हवाई अड्डा पहुंचने के बाद पीड़िता को राष्ट्रीय राजधानी जाने वाली एक एयर एम्बुलेंस से ले जाया गया और फिर एम्स दिल्ली में भर्ती कराया जाएगा।
किशोरी को आग लगाए जाने की घटना बलंगा थाना क्षेत्र के बयाबर गांव में शनिवार सुबह करीब नौ बजे उस समय हुई थी जब वह अपनी सहेली के घर से लौट रही थी।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर के ‘बर्न सेंटर’ विभाग के प्रमुख संजय गिरि ने बताया था कि नाबालिग लड़की 70 प्रतिशत तक झुलस चुकी है लेकिन उसकी हालत स्थिर है।
उन्होंने बताया था कि पीड़िता एक्स भुवनेश्वर के आईसीयू में थी और उसे कृत्रिम तरीके से ऑक्सीजन दी जा रही थी तथा उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मरीज की हालत स्थिर है और उसका रक्तचाप, जो कल कम था, अब उसमें सुधार हुआ है। उसे अस्पताल में स्थानांतरित करना सुरक्षित है।’’
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा था कि राज्य सरकार नाबालिग के बेहतर इलाज के लिए उसे दिल्ली ले जाने की योजना बना रही है लेकिन उन्होंने साथ ही कहा था कि एम्स भुवनेश्वर के अधिकारी उसकी स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए निर्णय लेंगे।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के शनिवार को बोलने की स्थिति में आने के बाद पुलिस ने एम्स भुवनेश्वर के आईसीयू में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज किया। उन्होंने कहा कि उसका बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने लड़की को रोका, उसे जबरन भार्गवी नदी के किनारे ले गए और उस पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि लड़की को आग लगाने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।
इसने बताया कि स्थानीय लोग आग बुझाकर उसे पिपिली सरकारी अस्पताल ले गए जहां से उसे एम्स भुवनेश्वर भेज दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि लड़की की मां ने बलंगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने आठवीं कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके पिता एक मोटर गैराज में काम करते हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2025 02:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

