देश की खबरें | जनहित याचिका की सुविधा का दुरुपयोग किया जा रहा है: न्यायालय

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नयी दिल्ली, 24 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने फर्जी मतदान पंजीकरण के आरोप से संबंधित एक याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी और कहा कि अदालत के जनहित याचिका क्षेत्राधिकार का “दुरुपयोग” किया जा रहा है।

प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने जनहित याचिका को "फर्जी" करार दिया।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, “हमारे जनहित याचिका क्षेत्राधिकार का दुरुपयोग किया जा रहा है। हम ऐसी फर्जी याचिकाओं पर विचार नहीं करते।”

याचिकाकर्ता के वकील ने पीठ को बताया कि याचिकाकर्ता एक आरटीआई कार्यकर्ता है और याचिका में फर्जी मतदान पंजीकरण का मुद्दा उठाया गया है।

पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता किसी सांसद से संपर्क करके जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधन की मांग कर सकता है।

अदालत ने कहा, “ये फर्जी जनहित याचिकाएं हैं। यह जनहित याचिका नहीं है। यह न्यायिक दुस्साहस है।”

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