देश की खबरें | नेता प्रतिपक्ष के दर्जे की जगन की मांग पर विचार नहीं किया जा सकता: आंध्र विधानसभा अध्यक्ष

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अमरावती, पांच मार्च आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सी अय्यन्नापत्रुडु ने बुधवार को कहा कि वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की विपक्ष के नेता (एलओपी) का दर्जा देने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अध्यक्ष सी अय्यन्नापत्रुडु ने इसे ‘अतार्किक इच्छा’ करार दिया।

अध्यक्ष ने कहा कि वाईएसआरसीपी के पास विधानसभा में कुल सीटों का 10 प्रतिशत हिस्सा (18 विधायक) नहीं हैं, जो विपक्ष के नेता का दर्जा पाने के लिए जरूरी है। इस वजह से उनकी मांग पूरी नहीं की जा सकती।

अय्यन्नापत्रुडु ने आगे स्पष्ट किया कि किसी पार्टी के नेता को विपक्ष का नेता मानने पर तभी विचार किया जा सकता है, जब सबसे बड़ा विपक्षी दल 18 सदस्यों की न्यूनतम आवश्यकता को पूरा करता हो।

विधानसभा के अध्यक्ष ने कहा कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी की विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता प्राप्त करने की जो इच्छा है, उसे मंजूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह एक असंगत या अतार्किक मांग है।

उन्होंने कहा कि अगर सदन में दो या उससे ज्यादा विपक्षी दलों की संख्या बराबर है, तो अध्यक्ष उन दलों में से किसी एक नेता को विपक्ष का नेता मानेंगे।

उन्होंने कहा कि यह फैसला अंतिम और निर्णायक होगा।

तेदेपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में 175 सदस्यीय आंध्र प्रदेश विधानसभा में तेदेपा के 135 विधायक, जनसेना के 21, वाईएसआरसीपी के 11 और भाजपा के 8 विधायक हैं।

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