देश की खबरें | सेवा सचिव बदलने की फाइल अबतक दिल्ली सरकार को उपराज्यपाल दफ्तर से वापस नहीं मिली: भारद्वाज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सेवा सचिव बदले जाने से संबंधित फाइल उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना के कार्यालय से शहर की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को अब तक वापस नहीं मिली है। साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि क्या यह लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के कामकाज में रोड़ा अटकाने का एक और प्रयास है।

नयी दिल्ली, 18 मई दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सेवा सचिव बदले जाने से संबंधित फाइल उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना के कार्यालय से शहर की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को अब तक वापस नहीं मिली है। साथ ही, उन्होंने सवाल किया कि क्या यह लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के कामकाज में रोड़ा अटकाने का एक और प्रयास है।

उपराज्यपाल कार्यालय से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

दिल्ली सरकार ने 11 मई को उच्चतम न्यायालय की ओर से उसे स्थानांतरण-पदस्थापना पर नियंत्रण प्रदान करने के कुछ घंटों बाद ही सेवा विभाग के सचिव आशीष मोरे को पद से हटा दिया था।

उच्चतम न्यायालय ने 11 मई को फैसला सुनाते हुए कहा था कि लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि जैसे विषयों को छोड़कर अन्य सेवाओं के संबंध में दिल्ली सरकार के पास विधायी तथा शासकीय शक्तियां हैं।

भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ए के सिंह, मोरे का स्थान लेंगे।

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मोरे को हटाने से संबंधित फाइल उपराज्यपाल कार्यालय को भेजी थी।

भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, “सेवा सचिव को बदलने के लिए सरकार ने कल शाम माननीय उपराज्यपाल को फाइल भेजी थी। माननीय उपराज्यपाल सरकार की सहायता और सलाह मानने को बाध्य हैं। हालांकि, हमें अभी तक फाइल वापस नहीं मिली है। हमने पत्र लिखा था कि यह बहुत जरूरी है। मुझे उम्मीद है कि हमें आज यह मिल जााएगा।”

इससे पहले, दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों के तबादले और पदस्थापना का फैसला उपराज्यपाल लेते थे।

मंत्री ने सवाल किया, “क्या यह उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार के कामकाज में बाधा डालने का एक और प्रयास है?”

उन्होंने कहा “ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार संशोधन अधिनियम कहता है कि सभी फाइल को उपराज्यपाल को भेजने की जरूरत है। इस कानून को भी खत्म करने की जरूरत है। अन्यथा उपराज्यपाल इसी तरह फाइल को दबा कर सरकार के काम में देरी करते रहेंगे।”

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