MP सरकार के खिलाफ कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर विधानसभा में आज भी बहस जारी रहेगी
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा विधानसभा में बुधवार को पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को चर्चा जारी रहेगी.
भोपाल, 21 दिसंबर : मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा विधानसभा में बुधवार को पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को चर्चा जारी रहेगी. दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुई चर्चा बिना किसी विराम के देर रात 12 बजकर 35 मिनट तक करीब साढ़े 12 घंटे तक जारी रही जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. मुख्यमंत्री के बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने की संभावना है. आज प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने यह अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया.
जब उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव आधी रात के बाद अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ बोल रहे थे, तब कांग्रेस सदस्यों ने माता सीता के खिलाफ उनकी कथित टिप्पणी के लिए उनसे माफी की मांग की, जो उन्होंने पहले दी थी और जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया. पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विजय लक्ष्मी साधौ, जयवर्धन सिंह, जीतू पटवारी और पीसी शर्मा सहित अन्य के नेतृत्व में कांग्रेस सदस्यों ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया और ‘सीता मैया का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ और ‘मोहन यादव माफी मांगो’ के नारे लगाए. कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश इकाई के प्रमुख कमलनाथ प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूरे समय बुधवार को सदन में मौजूद नहीं थे. सदन में निर्धारित कामकाज के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह के भाषण के साथ प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई. यह भी पढ़ें : Mumbai: सड़क पर पेशाब करने से रोकने पर सब्जी वाले ने पुलिस कांस्टेबल पर चाकू से किया हमला; गिरफ्तार
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पक्ष विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस देखी गई. विपक्षी सदस्यों ने ‘‘कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, विपक्षी दलों के विधायकों के खिलाफ भेदभाव, महिलाओं और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार, किसान की बढ़ती समस्याओं’’ और अन्य मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर निशाना साधा. सत्तारूढ़ भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि विपक्ष किसी ठोस मुद्दे के साथ आने में विफल रहा है और उसने अपने वर्तमान एवं पिछले शासन की उपलब्धियों का उल्लेख किया. गोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि चौहान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाया है और निर्वाचित प्रतिनिधियों की शक्ति छीनकर तथा उन्हें अधिकारियों को देकर पंचायती राज की शक्तियों को समाप्त कर दिया है. उन्होंने कहा कि विधानसभा के सत्र छोटे करने का श्रेय भी मौजूदा सरकार को ही जाता है.
उन्होंने कहा कि शाही खर्च के कारण राज्य सरकार पर कर्ज का बोझ 3.5 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर चार लाख करोड़ रुपये हो गया है. कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार ने नामीबिया से लाए गए चीतों को यहां बाड़ों में छोड़ने पर ही करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार दिखाती है कि वह किसानों की मदद कर रही है और दूसरी तरफ वह डीजल की कीमतों एवं खाद्य पदार्थों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाकर किसानों और गरीबों की जेब से अधिक पैसा निकालती है. नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में नर्सिंग कॉलेजों में एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया कि ये कॉलेज नियमों को ताक पर रखकर एक-एक कमरे में चलाए जा रहे हैं. संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जवाब देते हुए पिछले कांग्रेस शासन के दौरान कुशासन का आरोप लगाया और दावा किया कि पिछले एक साल के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक के इनामी छह नक्सलियों को या तो मार गिराया गया या गिरफ्तार कर लिया गया है.
राज्य में अच्छी कानून व्यवस्था का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में डकैतों का भाजपा शासन में सफाया कर दिया गया है और सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) नेटवर्क को नष्ट कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि 15,000 करोड़ रुपये की 21,000 एकड़ भूमि को भू-माफियाओं से मुक्त कराया गया है, जो कांग्रेस शासन के दौरान पनपे थे. जब मिश्रा ने चीन-भारत संघर्ष पर राहुल गांधी के विवादित बयान का उल्लेख किया तो कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने उनके समुदाय के बारे में दिए जाने वाले बयानों पर सवाल किया. इसका भाजपा सदस्यों ने विरोध किया और सदन में दोनों पक्षों के बीच हंगामा होने लगा. मिश्रा ने बाद में पत्रकारों से बात करते हुए कमलनाथ की सदन से अनुपस्थिति पर सवाल उठाया. जब भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि ‘हमारे राम हैं, हमारे सीता हैं और आपके (कांग्रेस सदस्यों के) क्या (भगवान) हैं?’ तो इस पर पूर्व मंत्रियों सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी और विजय लक्ष्मी साधौ सहित कांग्रेस सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई.
कांग्रेस सदस्यों ने शर्मा से माफी की मांग की लेकिन विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है. नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि शर्मा ने कुछ गलत नहीं कहा, इसलिए माफी नहीं मांगेंगे. प्रस्ताव के पक्ष में बोलने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री पी सी शर्मा, प्रियव्रत सिंह, कमलेश्वर पटेल, जीतू पटवारी और विधायक लक्ष्मण सिंह एवं आरिफ मसूद शामिल हैं. प्रस्ताव के खिलाफ बोलने वाले प्रमुख भाजपा सदस्यों में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, डॉ प्रभुराम चौधरी और रमेश शर्मा शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2022 11:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

