खेल की खबरें | जिस दिन माता-पिता खेलों पर अधिक जोर देने लगेंगे, भारत से चैम्पियन निकलने लगेगें : कपिल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. महान क्रिकेटर कपिल देव को लगता है कि जिस दिन से भारत में बच्चों के माता-पिता खेलों पर अधिक जोर देना शुरू कर देंगे, उस दिन से देश में विभिन्न स्पर्धाओं में और अधिक चैम्पियन निकलने लगेंगे।
न्यूयॉर्क, 18 मई महान क्रिकेटर कपिल देव को लगता है कि जिस दिन से भारत में बच्चों के माता-पिता खेलों पर अधिक जोर देना शुरू कर देंगे, उस दिन से देश में विभिन्न स्पर्धाओं में और अधिक चैम्पियन निकलने लगेंगे।
कपिल ने कहा कि हालांकि भारत में बच्चों के माता-पिता की खेलों के प्रति मानसिकता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है लेकिन इतना ही काफी नहीं है।
इस महान क्रिकेटर ने यह टिप्पणी भारतीय पुरूष बैडमिंटन टीम की रविवार को मिली ऐतिहासिक थॉमस कप जीत के बाद की।
कपिल से जब पीटीआई ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खेलों में आये बदलाव के बारे में पूछा जिससे देश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन शानदार होता जा रहा है तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि (ऐसा) माता-पिता की वजह से है, बच्चों की वजह से नहीं। हमारे देश से काफी डॉक्टर, वैज्ञानिक और इंजीनियर निकलते हैं क्योंकि उनके माता-पिता उन्हें ये बनाना चाहते हैं। जिस दिन से माता-पिता अपने बच्चों से खिलाड़ी बनाने की चाहत करने लगेंगे, हमारे देश से भी हर खेल से चैम्पियन बनने शुरू हो जायेंगे। ’’
कपिल न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्यिक दूतावास द्वारा देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। इस मौके पर प्रवासी भारतीय और क्रिकेट प्रशंसक मौजूद थे।
सर्वकालिक महान आल राउंडर में से एक कपिल ने इस संबंध में एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उनकी बेटी को 10वीं कक्षा की परीक्षा देनी हो और साथ ही जूनियर भारतीय टीम के लिये खेलना हो तो वह उसे ‘पढ़ाई’ करने के लिये कहेंगे।
भारतीय क्रिकेट टीम को 1983 विश्व कप में एतिहासिक खिताब दिलाने वाले कपिल ने कहा, ‘‘लेकिन अमेरिका या यूरोप या आस्ट्रेलिया में, माता-पिता कहेंगे कि इस साल (परीक्षा) रहने दो, देश के लिये जूनियर टीम में खेलो और अगले साल परीक्षा दे देना। हमारे देश में यही सोच अभी तक नहीं बदली है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह सोच बदल रही है। इसलिये मैंने कहा कि हमारे समाज में बच्चों से ज्यादा माता-पिता अधिक महत्वपूर्ण हैं। ’’
अपने बचपन की याद करते हुए कपिल ने कहा कि वह अपने खेल (क्रिकेट) की किट अपने स्कूल बैग में छुपा दिया करते थे और बाहर जाकर खेलते थे लेकिन अब इसमें तेजी से बदलाव हुआ है जिससे माता-पिता अपने बच्चों केा खेलों में हिस्सा लेने के लिये प्रोत्साहित करते हैं।
कपिल ने कहा, ‘‘आज मुझे यह देखकर फक्र होता है कि माता-पिता अपने बच्चों को खेलने के लिये लेकर आ रहे हैं। ’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2022 01:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

