नयी दिल्ली, 18 अगस्त दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने पिछले साल हुए सांप्रदायिक दंगों से प्रभावित रहे उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दौरे के दौरान बुधवार को कहा कि शांति एवं सौहर्द को बिगाड़ने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के साथ ही उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाई जानी चाहिए।
अस्थाना ने सांप्रदायिक सौहार्द के विषय पर आधारित कार्यक्रम 'उम्मीद- एक कदम एक साथ, बेहतर कल की ओर' के दौरान यह बात कही। पुलिस प्रमुख का पदभार ग्रहण करने के बाद यह उत्तर-पूर्वी दिल्ली क्षेत्र का उनका पहला दौरा था।
अस्थाना ने कहा, '' जब दंगे हुए, उस दौरान मैं दिल्ली पुलिस में नहीं था। हालांकि, एक पुलिस अधिकारी होने के नाते इस बारे में सुनना मेरे लिए बेहद दुखद था। मुझे अफसोस था कि इस तरह की समस्या दिल्ली जैसे शहर में उत्पन्न हुई, जहां लोग दंगे जैसी बात पूरी तरह भूल चुके थे।''
उन्होंने कहा, '' कोई समुदाय या धर्म बुरा नहीं है। धर्म का अनुसरण करने वाले लोग बुरे नहीं हैं लेकिन हर समुदाय में कुछ ऐसे लोग हैं, जिन्हें मैं असामाजिक तत्व कहता हूं और जिनकी वजह से माहौल खराब होता है।''
पुलिस आयुक्त ने कहा, '' हमें समाज के भीतर मौजूद ऐसे लोगों की पहचान करने का प्रयास करना चाहिए और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलानी चाहिए। इस क्षेत्र में जो भी शांति स्थापित हुई है वो ऐसे ही कार्यक्रमों के चलते हुई है। शांति स्थापित हुई है क्योंकि लोगों का विश्वास है कि समाज में हिंसा को कोई स्थान नहीं है।''
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस द्वारा श्यामलाल कॉलेज में किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से अधिक घायल हुए।
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