देश की खबरें | माकपा ने शीर्ष अदालत के गैर-न्यायिक पदों पर नियुक्ति-पदोन्नति में आरक्षण देने के कदम का स्वागत किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एमए बेबी ने रविवार को गैर-न्यायिक पदों पर नियुक्ति और पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया।
नयी दिल्ली, छह जुलाई मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एमए बेबी ने रविवार को गैर-न्यायिक पदों पर नियुक्ति और पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया।
बेबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “स्वागत योग्य कदम। उच्चतम न्यायालय ने गैर-न्यायिक कर्मचारियों के पदों पर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दिव्यांग व्यक्तियों, पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के लिए आरक्षण की शुरुआत की है।”
उन्होंने कहा, “न्यायमूर्ति बीआर गवई द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम। फिर भी, न्यायिक नियुक्तियों में आरक्षण की आवश्यकता है!”
उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित अपने गैर-न्यायिक कर्मचारियों की पदोन्नति और सीधी नियुक्ति के लिए एक औपचारिक आरक्षण नीति शुरू की है।
उच्चतम न्यायालय के 24 जून को जारी एक परिपत्र में सभी कर्मचारियों को इस निर्णय की जानकारी दी गई।
परिपत्र और वर्तमान में लागू रोस्टर के अनुसार, शीर्ष अदालत के अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में 15 प्रतिशत और एसटी कर्मचारियों को 7.5 प्रतिशत कोटा मिलेगा।
नीति के अनुसार, कोटा का लाभ रजिस्ट्रार, वरिष्ठ निजी सहायक, सहायक लाइब्रेरियन, कनिष्ठ अदालत सहायक और ‘चैंबर अटेंडेंट’ को मिलेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2025 03:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

