विदेश की खबरें | न्यायालय प्रार्थना स्थल (विशेष प्रावधान) कानून को चुनौती देने वाली छह याचिकाओं पर सुनवाई करेगा
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नयी दिल्ली, 28 जुलाई उच्चतम न्यायालय प्रार्थना स्थल (विशेष प्रावधान) कानून,1991 के कुछ प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने वाली छह याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ के समक्ष याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। शीर्ष अदालत सेवानिवृत्त सेना अधिकारी अनिल कबोत्रा, अधिवक्ता चंद्रशेखर और रुद्र विक्रम सिंह, देवकीनंदन ठाकुर जी, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
कबोत्रा ने वर्ष 1991 के अधिनियम की धारा 2, 3 और 4 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए कहा कि वे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं।
अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया, ‘‘अनुचित अधिनियम बनाकर, केंद्र ने मनमाने ढंग से एक तर्कहीन पूर्वव्यापी कट-ऑफ तिथि बना दी और घोषित किया कि पूजा स्थलों का चरित्र वैसे ही बना रहेगा जैसा कि 15 अगस्त, 1947 को था और बर्बर आक्रमणकारियों और कानून तोड़ने वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कोई मुकदमा या कार्यवाही अदालत में नहीं होगी। ऐसी सभी कार्यवाही समाप्त हो जाएगी।’’
वर्ष 1991 का प्रावधान किसी भी पूजा स्थल के धर्मांतरण पर रोक लगाने और 15 अगस्त, 1947 को मौजूद किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक चरित्र के रखरखाव के लिए एक अधिनियम है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2022 11:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

