देश की खबरें | न्यायालय ने ‘ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’ पर प्रतिबंध संबंधी जनहित याचिका अपने पास स्थानांतरित कीं
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नयी दिल्ली, 18 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने अवैध सट्टेबाजी और जुए की गतिविधियों को कथित रूप से बढ़ावा देने वाले ‘ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’ पर प्रतिबंध लगाने संबंधी चार जनहित याचिकाओं को विभिन्न उच्च न्यायालयों से बृहस्पतिवार को अपने पास स्थानांतरित कर लिया।
न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने ‘प्रोबो मीडिया टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड’ की एक स्थानांतरण याचिका पर यह आदेश पारित किया। यह कंपनी एक ऐसे ही ‘ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म’ का संचालन करती है।
पीठ ने अपने आदेश में विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित याचिकाओं के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति का उल्लेख किया।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी कि मुंबई उच्च न्यायालय में दो जनहित याचिकाएं लंबित हैं, जबकि तीसरी जनहित याचिका गुजरात उच्च न्यायालय में और चौथी याचिका छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में लंबित है।
सिंघवी ने कहा कि अन्य उच्च न्यायालयों से जनहित याचिकाएं मुंबई उच्च न्यायालय में स्थानांतरित की जा सकती हैं।
पीठ ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा, ‘‘इन चारों जनहित याचिकाओं पर इस न्यायालय को सुनवाई करनी चाहिए... हम मुंबई, गुजरात और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालयों को निर्देश देते हैं कि वे सभी रिट याचिकाओं को पूरे रिकॉर्ड के साथ जल्द से जल्द इस न्यायालय में स्थानांतरित करें। इन चारों जनहित याचिकाओं के इस न्यायालय में स्थानांतरित हो जाने के बाद, रजिस्ट्री भारत के प्रधान न्यायाधीश के निर्देशानुसार इस न्यायालय के समक्ष अधिसूचित करेगी।’’
एक जनहित याचिका में मूल याचिकाकर्ता सुमित कपूरभाई प्रजापति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल पेश हुए।
अग्रवाल ने कहा कि याचिकाओं में उठाए गए मुद्दे एक जैसे नहीं हैं, खासकर छत्तीसगढ़ में, जो जुए से संबंधित विधायी ढांचे पर सवाल उठाता है।
उन्होंने कहा कि केवल एक ही याचिकाकर्ता की उपस्थिति सभी मामलों को एक साथ लाने का आधार नहीं होनी चाहिए।
शीर्ष अदालत ने 22 मई को कंपनी (प्रोबो मीडिया) की स्थानांतरण याचिका पर नोटिस जारी किया।
पीठ ने तब कहा, ‘‘चूंकि हमने नोटिस जारी कर दिया है और (हम) मूल याचिकाकर्ताओं की बात सुनना चाहते हैं... इसलिए गुजरात उच्च न्यायालय और छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में लंबित जनहित याचिकाओं पर फिलहाल सुनवाई नहीं हो सकती।’’
ऑनलाइन मार्केट प्लेस जैसे ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को वास्तविक दुनिया की घटनाओं के बारे में पूर्वानुमान लगाने में सक्षम बनाते हैं।
प्रतिभागी इस बात पर दांव लगाते हैं कि क्या विशिष्ट परिणाम घटित होंगे, जो आमतौर पर ‘‘हाँ’’ या ‘‘नहीं’’ प्रश्नों के रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 05:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

