देश की खबरें | हिरासत में मारे गए व्यक्ति की पत्नी को दस्तावेज मुहैया नहीं कराने को अदालत ने 'भयानक' करार दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने हिरासत में मारे गए व्यक्ति की पत्नी को दिल्ली सरकार द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने के कदम को ''भयानक'' करार दिया।
नयी दिल्ली, 25 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने हिरासत में मारे गए व्यक्ति की पत्नी को दिल्ली सरकार द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने के कदम को ''भयानक'' करार दिया।
दिल्ली सरकार ने विधवा महिला को उनके पति की मौत से संबंधित वैध चिकित्सा प्रमाणपत्र (एमएलसी), पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपपत्र की प्रति प्राप्त करने के लिए जांच अदालत से गुहार लगाने को कहा था जबकि न्यायिक आदेशों के तहत ये दस्तावेज सरकार द्वारा महिला को उपलब्ध कराए जाने थे।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा, '' दिल्ली सरकार का यह कदम वाकई भयानक है। मैं इसकी सराहना नहीं करती। यह अदालत के आदेश में शामिल है।''
अदालत ने कहा कि यह सभी दस्तावेज पुलिस के पास उपलब्ध होंगे, ऐसे में ''क्यों उस महिला को इसके लिए इधर से उधर भगाना चाहिए?''
अदालत ने दिल्ली सरकार को महिला को 10 दिन के भीतर दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 11 अगस्त के लिए सूचीबद्ध की।
अदालत ने चार मई को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया था कि हिरासत में हुई मौत के मामले में पीड़ित की पत्नी को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
अदालत 12 नवंबर 2020 को पुलिस हिरासत में मारे गए व्यक्ति की पत्नी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे 11 नवंबर 2020 को वाहन चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)