देश की खबरें | घर-घर जाकर कोविड टीकाकरण पर जवाब के लिये अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार को दिया समय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शय्याग्रस्त वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर जाकर कोविड-19 टीकाकरण की तत्काल नीति बनाने की मांग वाली याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को समय दिया।
नयी दिल्ली, 12 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को शय्याग्रस्त वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर जाकर कोविड-19 टीकाकरण की तत्काल नीति बनाने की मांग वाली याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार को समय दिया।
दिल्ली सरकार के वकील अनुज अग्रवाल ने मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ को बताया कि केंद्र पहले ही घर-घर टीकाकरण की नीति पेश कर चुका है और सभी राज्यों को इसका पालन करना होगा।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने याचिका पर अपना हलफनामा दाखिल नहीं किया है और आज तक इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
पीठ ने कहा, “आप अपना हलफनामा दाखिल करें। वकील (याचिकाकर्ता के लिए) के तर्क को ध्यान में रखें। आप दिल्ली के बारे में एक पैराग्राफ में उल्लेख करें।”
अदालत ने 84 वर्षीय धीरज अग्रवाल की याचिका पर अगस्त में नोटिस जारी किया था। याचिका में दावा किया गया था कि वह गठिया से पीड़ित हैं और अपने स्वास्थ्य के कारण टीकाकरण केंद्र नहीं जा सकती हैं।
याचिकाकर्ता ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कई साथी बहुत बुजुर्ग और शैय्याग्रस्त हैं और कोविड-19 की चपेट में आने को लेकर बेहद संवेदनशील हैं, उनके पास टीकाकरण केंद्र तक पहुंचने के लिये कोई निजी परिवहन नहीं है और न ही परिवार का कोई सदस्य है जो पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी मदद करेगा।
याचिकाकर्ता ने वकील मनन अग्रवाल और विनय कुमार के जरिये दायर याचिका में दलील दी है कि हेल्पलाइन और घर-घर टीकाकरण शुरू करना अधिकारियों का दायित्व है और ऐसा नहीं करना जीवन के अधिकार के खिलाफ है।
इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
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