जरुरी जानकारी | अदालत ने अदाणी समूह को जेट्टी परियोजना के लिए मैंग्रोव काटने की अनुमति दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को अदाणी सीमेंटेशन लि. को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अंबा नदी के किनारे प्रस्तावित जेट्टी परियोजना के लिए 158 मैंग्रोव पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी।
मुंबई, पांच मार्च बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को अदाणी सीमेंटेशन लि. को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में अंबा नदी के किनारे प्रस्तावित जेट्टी परियोजना के लिए 158 मैंग्रोव पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को संतुलित करने के महत्व पर जोर दिया और कंपनी को नियामक अधिकारियों की शर्तों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि हालांकि यह परियोजना व्यावसायिक हितों को पूरा करती है, लेकिन इससे प्राकृतिक संसाधनों की अत्यधिक कमी नहीं होनी चाहिए।
अदालत ने कहा कि परियोजना की आवश्यकता के बीच एक संतुलन बनाने की जरूरत है, जिसका उद्देश्य सीमेंट की लगातार बढ़ती जरूरत को पूरा करना और साथ ही, आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता नहीं करना है।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि परियोजना के परिणामस्वरूप पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को न्यूनतम नुकसान हो...।’’
अदालत ने अदाणी सीमेंटेशन की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। याचिका में जलमार्ग के माध्यम से सीमेंट, क्लिंकर और कच्चे माल के परिवहन के लिए बर्थिंग जेट्टी, कन्वेयर कॉरिडोर और सड़क के निर्माण की सुविधा के लिए मैंग्रोव को काटने की अनुमति देने का आग्रह किया गया था।
कुल 172 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का लक्ष्य माल ढुलाई को जल मार्ग में स्थानांतरित करके सड़क की भीड़ और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।
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