देश की खबरें | पिछले पांच साल में देश ने एक 'खामोश राष्ट्रपति' देखा: सिन्हा

जयपुर, 11 जुलाई देश में विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने सोमवार को कहा कि पिछले पांच साल में देश ने एक 'खामोश राष्ट्रपति' को देखा।

सिन्हा ने कहा कि वह नहीं जानते हैं कि इन चुनावों के बाद उनका क्या हश्र होगा, लेकिन अगर वह राष्ट्रपति चुने गए तो ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जैसी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग रुक जाएगा।

राष्ट्रपति पद के लिये विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार सिन्हा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से यह बात कही, इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे।

यह पूछे जाने पर कि मौजूदा राष्ट्रपति के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, सिन्हा ने कहा, '... पिछले पांच साल की बात अगर हम करें तो हम कहेंगे कि यह राष्ट्रपति भवन का एक खामोशी का दौर था। हम लोगों ने एक खामोश राष्ट्रपति देखा।'

उन्होंने कहा, 'पिछला पांच साल एक खामोशी का दौर रहा और जो राष्ट्रपति का संवैधानिक दायित्व है उसका उतना उपयुक्त पालन नहीं हुआ जितना होना चाहिए था।’ सिन्हा ने कहा कि 'बहुत सारे मुद्दो पर प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए और कुछ मुद्दों पर राष्ट्रपति को भी बोलना चाहिए...राष्ट्रपति कम से कम प्रधानमंत्री को बुलाकर इन विषयों पर चर्चा तो कर सकते थे।'

उन्होंने कहा, 'मैं आपसे दो वादा करके जाना चाहता हूं एक तो यह कि अगर मैं राष्ट्रपति चुना गया तो शपथ लेने के दूसरे दिन से ये जो सरकारी एजेंसियों का दुरूपयोग हो रहा है, सरकार के द्वारा वह रूक जायेगा.. इस दुरूपयोग को पूरी तरह से रोका जायेगा।'

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही वह प्रधानमंत्री से कहेंगे कि वह उन मुद्दों पर बोलें जिन पर बोलने की अपील मुख्यमंत्री गहलोत व अन्य नेता उनसे कर रहे हैं।

राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है । सिन्हा ने इसे वोटिंग प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ा मौका बताते हुए कहा, 'असाधारण परिस्थिति में इस बार राष्ट्रपति का चुनाव हो रहा है। इसमें आम जनता तो वोट नहीं देती है, लेकिन उसके चुने हुये प्रतिनिधि ही वोट देते हैं लेकिन आम जनता का यह कर्त्तव्य बनता है कि वो अपने चुने हुए प्रतिनिधि पर दबाव बनाये कि गलत का साथ मत दो, जो सही है उसका साथ दो।'

उन्होंने कहा, 'हम केवल एक राजनीतिक दल से नहीं लड़ रहे। हम सरकार की उन एजेंसियों से भी लड़ रहे हैं जो लोगों को परेशान करने के लिये इस्तेमाल की जा रही हैं। तो लड़ाई ईडी से है.. लड़ाई इनकम टैक्स से है, लड़ाई सीबीआई है और मैं जानता नहीं हूं कि इस चुनाव के बाद मेरा क्या हश्र होगा।'

देश में चुनी हुई सरकारों को गिराने को लेकर परोक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत लंबे अर्से से प्रशासन और राजनीति में रहा हूं ऐसा माहौल मैने कभी देश में नहीं देखा है इनका एकमात्र उद्देश्य है कि केवल हम राज करेंगे ओर हम किसी दूसरे को सत्ता में बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’

साल 2020 में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर आये राजनीतिक संकट की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘गहलोत ने यहां उनका मुकाबला किया और उनको परास्त किया लेकिन सतत सावधानी की आवश्यकता है क्योंकि कभी भी वो आक्रमण कर सकते है।’’

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