देश की खबरें | संविधान में बंगाल में हो रही हिंसा से निपटने के कई प्रावधान मौजूद हैं : बाबुल सुप्रियो

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शुक्रवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस को ‘‘मतदाताओं को डराना-धमकाना’’ बंद करना चाहिए, अन्यथा संविधान में इससे निपटने के प्रावधान मौजूद हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 20 नवम्बर केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने शुक्रवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस को ‘‘मतदाताओं को डराना-धमकाना’’ बंद करना चाहिए, अन्यथा संविधान में इससे निपटने के प्रावधान मौजूद हैं।

सुप्रियो ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में 130 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है।

यह भी पढ़े | COVID-19: अहमदाबाद में आज रात 9 बजे से 57 घंटे का कर्फ्यू, खरीद के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़.

उन्होंने एक स्थानीय समाचार चैनल को कहा, ‘‘ तृणमूल कांग्रेस को अपने तौर-तरीके बदलने चाहिए। चुनाव में अब कुछ महीने ही बचे हैं। अगर तृणमूल के सदस्यों को लगता है कि वे मतदाताओं को डरा-धमका सकते हैं और राजनीतिक हिंसा कर सकते हैं, तो संविधान में इससे निपटने के प्रावधान मौजूद हैं।’’

सुप्रियो ने दावा किया कि राज्य के लोगों ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने का मन बना लिया है।

यह भी पढ़े | हरियाणा: स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अंबाला के एक अस्पताल में Covaxin ट्रायल के लिए दिया गया डोज: 20 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

यहां चुनाव अगले साल अप्रैल-मई में होने हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम चाहते हैं कि तृणमूल को सत्ता में लाने वाले लोग अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही वर्तमान सरकार को गिराएं।’’

वहीं, तृणमूल ने कहा कि सुप्रियो ऐसा कहकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का संकेत दे रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘‘ अगर वह राज्य में धारा 356 लगाने का संकेत दे रहे हैं, तो वह पहले उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की बात करें, जहां कानून के शासन का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now