देश की खबरें | पुलवामा हमले पर पड़ोसी देश के कबूलनामे से अफवाह फैलाने वालों के चेहरे से नकाब हट गया : मोदी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार में एक चुनाव रैली में पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के जवान शहीद हुए थे तो उस वक्त सत्ता एवं स्वार्थ की राजनीति करने वालों ने खूब भ्रम फैलाने की कोशिश की और ऐसे लोग आज वोट मांग रहे हैं।
छपरा, एक नवंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिहार में एक चुनाव रैली में पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश के जवान शहीद हुए थे तो उस वक्त सत्ता एवं स्वार्थ की राजनीति करने वालों ने खूब भ्रम फैलाने की कोशिश की और ऐसे लोग आज वोट मांग रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा और कहा, ‘‘दो-तीन दिन पहले पड़ोसी देश ने पुलवामा हमले की सच्चाई को स्वीकारा है। इस सच्चाई ने उन लोगों के चेहरे से नकाब हटा दिया, जो हमले के बाद अफवाएं फैला रहे थे।’’
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मोदी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘ये लोग देश के दुख में दुखी नहीं थे, ये बिहार के नौजवानों के गुजर जाने पर दुखी नहीं थे।’’
उन्होंने कहा कि देश के वीर जवानों, वीर बेटे-बेटियों के शौर्य और शूरता पर बिहार को, संपूर्ण देश को रत्तीभर भी संदेह नहीं रहा, लेकिन ‘‘सत्ता और स्वार्थ की राजनीति करने वालों’’ ने खूब भ्रम फैलाने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज वही लोग बिहार के लोगों के सामने आकर अपने लिए वोट मांग रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि देश में चौतरफा हो रहे विकास के बीच, आप सभी को उन ताकतों से भी सावधान रहना है, जो अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए देशहित के खिलाफ जाने से भी बाज नहीं आतीं।
विपक्ष के कुछ नेताओं पर परोक्ष निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि ये वो लोग हैं जो देश के वीर जवानों के बलिदान में भी अपना फायदा देखने लगते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी के वहां की संसद में पुलवामा हमले को लेकर दिए गए बयान का जिक्र कर रहे थे। फवाद ने पाकिस्तानी संसद में कहा था कि पुलवामा हमला उनकी सरकार के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान अपनी सरकार के विकास कार्यों और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजग सरकार के कल्याण कार्यों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बिहार की जनता से अपील की कि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहे, इसके लिए नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग को जनादेश दें।
मोदी ने कहा कि एक तरफ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण आने वाले 10 साल तक के लिए बढ़ा दिया गया है तो वहीं, सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दे दिया गया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ व्यापारी वर्ग के लिए राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाया गया है, तो वहीं पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का विकास, उनका रोजगार, गरीबों, दलितों का, पिछड़ों का विकास....राजग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए बिना भेदभाव, सभी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।’’
युवाओं को जोड़ने का प्रयास करते हुए मोदी ने कहा कि यह सच है कि बिहार के हज़ारों युवाओं का अलग-अलग प्रतियोगिताओं की कोचिंग और तैयारी में ऊर्जा, समय और पैसा दोनों लगता है। अब रेलवे, बैंकिंग और ऐसी अनेक सरकारी भर्तियों के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था की जा रही है।
कोरोना वायरस से संबंधित महामारी से निपटने के प्रयासों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया में आज कोई ऐसा नहीं है, जिसे कोरोना ने प्रभावित न किया हो, जिसका इस महामारी ने नुकसान न किया हो।
उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत से ही प्रयास किया है कि वह इस संकटकाल में देश के गरीब, बिहार के गरीब के साथ खड़ी रहे।
मोदी ने कहा कि राजग सरकार ने सुनिश्चित किया कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान भी गरीबों के घरों में चूल्हा जलता रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले चरण के मतदान से साफ नजर आ रहा है कि ‘‘नीतीश बाबू के नेतृत्व में राजग की सरकार दोबारा बनने जा रही है।’’
मोदी ने कहा कि बिहार चुनाव के पहले चरण में राजनीतिक पंडित गलत साबित हुए और यहां कोविड-19 के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मतदान करने निकले।
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