ताजा खबरें | समिति ने आईबीएसए विजिटिंग फेलोशिप कार्यक्रम में स्थान भरने के लिए कदम उठाने को कहा

नयी दिल्ली, सात अगस्त आईबीएसए विजिटिंग फेलोशिप कार्यक्रम में 2023 में केवल तीन उम्मीदवार के शामिल होने पर संज्ञान लेते हुए संसद की एक समिति ने अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) और विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि सभी उपलबध स्थानों को भरा जाए।

समिति ने कहा है कि इससे भारत ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच अर्थव्यवस्था, व्यापार और विकास के क्षेत्र में गहन संयुक्त अनुसंधान और सूचनाओं के आदान प्रदान के प्रत्येक अवसर का पूरा उपयोग किया जा सकेगा।

लोकसभा में पेश ‘भारत की नीति आयोजना और थिंक टैंक की भूमिका आईसीडब्ल्यू और आरआईएस के विशेष संदर्भ में’ विषय पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है । भारतीय जनता पार्टी के सांसद पी पी चौधरी की अध्यक्षता वाली विदेश मामलों से संबंधित समिति की रिपोर्ट सोमवार को पेश हुई।

इसमें कहा गया है कि समिति नोट करती है कि अपने व्यापक प्रसार कार्यक्रम के तहत आरआईएस कई क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसमें भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम और विदेश मंत्रालय के साथ ‘भारत ब्राजील दक्षिण अफ्रीका फोरम’ (आईबीएसए) विजिटिंग फेलोशिप कार्यक्रम, एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया के साथ व्यापार विषय पर ग्रीष्मकालीन स्कूल एवं विश्वविद्यालय छात्र इंटर्नशिप कार्यक्रम शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इसके अतिरिक्त, अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) ने अपने सहयोगी संगठनों के समर्थन से कृषि व्यापार नीति विश्लेषण पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम भी आयोजित किए।

रिपोर्ट में कहा गया, जहां तक दक्षिण-दक्षिण सहयोग की भावना में भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच अनुसंधान को मजबूत करने के लिए अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में युवा विद्वानों के अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आरआईएस में स्थापित आईबीएसए विजिटिंग फेलोशिप कार्यक्रम का संबंध है, समिति पाती है कि 2023 में केवल तीन उम्मीदवार इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसके अनुसार, बहुपक्षीय संस्थागत ढांचे पर इस फेलोशिप कार्यक्रम एवं आईबीएसएस से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को ध्यान में रखते हुए समिति आरआईएस और विदेश मंत्रालय से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करती है कि सभी उपलबध स्थानों को भरा जाए ताकि भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के बीच अर्थव्यवस्था, व्यापार और विकास के क्षेत्र में गहन संयुक्त अनुसंधान और सूचनाओं के आदान-प्रदान के प्रत्येक अवसर का पूरा उपयोग किया जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति को यह सूचित किया गया है कि भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों के 14 छात्रों ने पिछले एक वर्ष के दौरान आरआईएस में अपनी इंटर्नशिप पूरी की है।

रिपोर्ट के अनुसार समिति महसूस करती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों पर नीतिगत अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

दीपक

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