देश की खबरें | भाजपा और राकांपा (एसपी) के विधायकों के समर्थकों के बीच झड़प से विधानभवन अखाड़े में तब्दील
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मुंबई, 17 जुलाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गोपीचंद पडलकर के समर्थकों के बीच महाराष्ट्र विधानभवन में बृहस्पतिवार को हाथापाई हो गई।
आव्हाड और पडलकर के बीच बुधवार को तीखी बहस हुई थी, जिसके एक दिन बाद यह घटना हुई।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की रिपोर्ट तलब की है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इमारत के भूतल स्थित लॉबी में दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कुछ देर के लिए स्थिति बिगड़ गई लेकिन वहां मौजूद लोगों ने दोनों समूहों को अलग कर दिया।
सुरक्षाकर्मियों ने दोनों समूहों के एक-एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
पडलकर ने पत्रकारों से कहा, “मुझे इस घटना के बारे में कुछ नहीं पता। आप उनसे (आव्हाड से) पूछ सकते हैं, वह सदन में बैठे हैं। मैं इसमें (घटना में) शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं जानता।”
इसके बाद भाजपा विधायक ने वरिष्ठ मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की और घटना पर खेद जताया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह घटना विधानमंडल की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
उन्होंने कहा, “विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति को इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”
फडणवीस ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का विधान भवन में आकर हंगामा करना एक गंभीर मामला है।
पूर्व मंत्री आव्हाड ने विधानमंडल परिसर में सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने दावा किया, “अगर विधायक विधानभवन के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो जनप्रतिनिधि होने का क्या मतलब है? हमारा अपराध क्या है? मैं तो बस ताजी हवा लेने के लिए बाहर निकला था। मुझे लगता है कि वे मुझ पर हमला करने आए थे।”
विधानभवन के प्रवेश द्वार पर बुधवार को आव्हाड और पडलकर के बीच बहस हुई थी।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस दिख रही है।
मुंब्रा-कलवा से विधायक आव्हाड ने दावा किया कि पडलकर ने कार से उतरते समय जानबूझकर अपनी गाड़ी का दरवाजा बहुत जोर से खोला, ताकि उन्हें चोट लगे।
पडलकर ने इस आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं की।
सांगली जिले की जाट सीट से विधायक पडलकर राकांपा-(एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले के मुखर आलोचक रहे हैं।
पडलकर की पवार परिवार के खिलाफ पिछली टिप्पणियों पर राकांपा (एसपी) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
इस बीच विधानसभा में पार्टी लाइन से ऊपर उठकर विधायकों ने बृहस्पतिवार को हुई झड़प के बारे में प्रतिक्रिया दी और विधानमंडल परिसर में अत्यधिक भीड़भाड़ को लेकर चिंता व्यक्त की।
संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने दिन में पास जारी करने के संबंध में जांच की मांग की।
अध्यक्ष नार्वेकर ने कहा कि उन्होंने घटना की रिपोर्ट तलब की है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
विधान परिषद के सदस्य और शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस तरह से ‘गुंडों जैसा व्यवहार’ पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यह पूछना जरूरी है कि ऐसे लोगों को प्रवेश की अनुमति किसने दी। पास जारी करने वालों की जांच होनी चाहिए। यह बहुत ही गंभीर मामला है और मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई करें।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानभवन एक अत्यंत सम्मानित संस्थान है और इसकी गरिमा को हर कीमत पर बनाए रखा जाना चाहिए।
कांग्रेस विधायक नाना पटोले ने कहा, “यह अनुचित है। अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने हमें आश्वासन दिया है कि वह कार्रवाई करेंगे।”
विधान परिषद के सदस्य और शिवसेना (उबाठा) के नेता अनिल परब ने विधान भवन में इस घटना का मुद्दा उठाया।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि सदन में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि विधानभवन के सुरक्षा कर्मचारियों ने इस मारपीट के सिलसिले में दो लोगों को हिरासत में लिया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 17, 2025 09:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

