देश की खबरें | बाहुबली विधायक और अन्य अभियुक्तों पर तय नहीं हो सके आरोप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विशेष एमपी एमएलए अदालत ने सोमवार को कारागार कर्मियों से कथित रूप से मारपीट के 21 साल पुराने एक मुकदमे में मऊ से बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही आगामी 19 मई तक टाल दी।
लखनऊ, 12 अप्रैल विशेष एमपी एमएलए अदालत ने सोमवार को कारागार कर्मियों से कथित रूप से मारपीट के 21 साल पुराने एक मुकदमे में मऊ से बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही आगामी 19 मई तक टाल दी।
विशेष न्यायाधीश पीके राय ने यह आदेश इसलिए पारित किया क्योंकि न तो मुख्तार और न ही अन्य आरोपी युसूफ चिश्ती आलम कल्लू पंडित और लाल जी यादव पूर्व के निर्देशों के बावजूद अदालत में हाजिर हुए।
चिश्ती और आलम पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं, वही पंडित और यादव जमानत पर हैं। चूंकि मुख्तार अंसारी को अदालत में पेश नहीं किया जा रहा है इस वजह से अदालत उनके खिलाफ आरोप तय नहीं कर सकी।
गौरतलब है कि तीन अप्रैल 2000 को लखनऊ के तत्कालीन जेलर एस. एन. द्विवेदी ने आलमबाग थाने में मुख्तार तथा उनके तीन सहयोगियों पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।
द्विवेदी का आरोप है कि वारदात वाले दिन कुछ कैदियों को अदालत में सुनवाई के बाद वापस जेल लाया जा रहा था तभी मुख्तार के गुर्गों ने चांद नामक एक कैदी को बेइंतेहा पीटा। शोरगुल सुनकर वह खुद, डिप्टी जेलर बैजनाथ राम चौरसिया तथा कुछ अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और चांद को मुख्तार के साथियों के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की। आरोप है कि ऐसा करने पर मुख्तार के साथियों ने जेल अफसरों को भी पीटा। जान बचाकर भागते वक्त आरोपियों ने उन पर पथराव किया और जान से मारने की धमकी भी दी।
इस मामले में मुख्तार को भी आरोपी बनाया गया था। जांच के बाद सभी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2021 10:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

