खेल की खबरें | वैभव सूर्यवंशी के सामने नियंत्रण बनाये रखने की चुनौती , कहा स्टीव वॉ ने

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. इंडियन प्रीमियर लीग के इस सत्र में सनसनी फैलाने वाले 14 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी की शानदार टाइमिंग से हैरान आस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर स्टीव वॉ ने उन्हें ‘सुपरनोवा’ बनने से बचते हुए नियंत्रण पर फोकस करने की सलाह दी है ।

मुंबई, 27 मई इंडियन प्रीमियर लीग के इस सत्र में सनसनी फैलाने वाले 14 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी की शानदार टाइमिंग से हैरान आस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर स्टीव वॉ ने उन्हें ‘सुपरनोवा’ बनने से बचते हुए नियंत्रण पर फोकस करने की सलाह दी है ।

वॉ नियमित रूप से आईपीएल नहीं देखते हैं लेकिन उन्होंने सूर्यवंशी को शानदार खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उसे अपने पैर जमीन पर रखने होंगे ।

राजस्थान रॉयल्स के लिये खेलने वाले सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद में शतक जमाया जो टूर्नामेंट में किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज शतक है ।

वॉ ने जियो स्टार द्वारा आयोजित , क्रिकेट आस्ट्रेलिया और आस्ट्रेलिया सरकार मीडिया कांफ्रेंस ‘आस्ट्रेलियन समर आफ क्रिकेट 2025 . 26’ में अनिल कुंबले, मैथ्यू हेडन और रॉबिन उथप्पा के साथ भाग लिया ।

उन्होंने कहा ,‘‘चौदह साल की उम्र में उस पर कोई दबाव नहीं है । वह पूरी आजादी के साथ खेल रहा है जिसे देखकर अच्छा लगा । मुझे लगता है कि उसके सामने चुनौती नियंत्रण बनाये रखने की होगी ।’’

वॉ का मानना है कि एक करोड़ से अधिक का आईपीएल करार पा चुके सूर्यवंशी 16 वर्ष के होने से पहले करोड़पति होंगे और उन पर अपेक्षाओं का काफी दबाव होगा ।

उन्होंने कहा ,‘‘ क्या वह इसी उत्साह से खेल सकेगा, इसी आजादी से बल्लेबाजी करेगा ? यह एक चुनौती होगी ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ उसके पास कौशल है और वह मानसिक रूप से मजबूत है । आप चाहते हैं कि उसके जैसा बल्लेबाज कामयाब हो । क्रिकेट के लिये यह शानदार कहानी है । मैं आईपीएल ज्यादा नहीं देखता लेकिन इस तरह का कोई खिलाड़ी आता है तो देखने का मन करता है ।’’

भारत में हर नये बल्लेबाजी स्टार की तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती है लेकिन वॉ ने कहा कि सूर्यवंशी या किसी की भी तुलना उनसे नहीं होनी चाहिये क्योंकि तेंदुलकर जैसी प्रतिभा बार बार नहीं आती ।

पर्थ में 1991 . 92 में 18 वर्ष के तेंदुलकर की 114 रन की पारी आज भी याद की जाती है ।

वॉ ने कहा ,‘‘ मुझे नहीं लगता कि सचिन तेंदुलकर से किसी की भी तुलना हो सकती है । आस्ट्रेलिया में आकर पर्थ में शतक जड़ना जो दुनिया की सबसे कठिन पिचों में से है और जहां अधिकांश खिलाड़ी जूझते नजर आते हैं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ पर्थ में इतनी कम उम्र में शतक लगाना हैरानी भरा था । सचिन तेंदुलकर जैसा दूसरा आसानी से नहीं मिल सकता । लेकिन मैने एक 14 साल के लड़के के आईपीएल में शतक लगाने की कल्पना भी नहीं की थी ।’’

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