देश की खबरें | केंद्र सरकार ने देश की संपत्ति बड़े उद्योगपतियों को सौंप दी है:प्रियंका गांधी वाद्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश की संपत्ति बड़े उद्योगपतियों को सौंप दी है।
बालोद, सात नवंबर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश की संपत्ति बड़े उद्योगपतियों को सौंप दी है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना समाज के हर वर्ग को समान प्रतिनिधित्व देने और उनके कल्याण के लिए नीतियों का मसौदा तैयार करने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में थी तब हिंसा, कुशासन और गरीबी का बोलबाला था।
गांधी ने कहा, ''छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने पांच साल तक जनकल्याण के लिए काम किया, लेकिन केंद्र सरकार ने क्या किया? मोदी जी के लिए आठ-आठ हजार करोड़ रुपये के दो विमान खरीदे गए। 20 हजार करोड़ रुपये खर्च कर नया संसद भवन बनाया गया।’’
उन्होंने कहा, ''जब यह घोषणा की गई तब मैं उत्तर प्रदेश में थी। वहां के गन्ना किसान अपना बकाया 15 हजार करोड़ रुपये की मांग करते हुए सड़कों पर थे। मोदी जी के पास संसद भवन और विमान के लिए पैसा है, लेकिन किसानों के लिए नहीं है।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने और कल्याणकारी नीतियां बनाने के लिए जातिगत जनगणना जरूरी है।
उन्होंने कहा, ''मोदी जी को आपने देखा होगा कि वह खुद को ओबीसी कहते हैं लेकिन जब जातिगत जनगणना की बात हो रही है तब वह कह रहे हैं कि यह नहीं होगी। भाजपा के नेता बौखला गए हैं और कहने लगे हैं कि कुछ भी हो जाए , यह नहीं करना है। दरअसल भाजपा जो घोषणाएं करती है, बातें करती है वह खोखली होती है। वह आपके लिए काम नहीं करना चाहती है।''
केंद्र पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा, ''इन्होंने जो कहा था वह कभी किया नहीं। न ही रोजगार दिया और न ही किसानों की आय दोगुनी हुई। किसान आज रो रहा है। जहां से रोजगार मिलता था उसे खत्म कर दिया। छोटे काम-धंधे, छोटे उद्योगपति जो देश के इंजन थे जिससे रोजगार मिलता उसे नोटबंदी और जीएसटी लागू करके समाप्त कर दिया।''
उन्होंने आरोप लगाया कि 70 साल में कुछ नहीं होने का राग अलाप कर भाजपा ने उसे भी बिगाड़ दिया जिसे जनता ने बनाया था। उन्होंने कहा कि उसने उसे या तो बिगाड़ दिया या अपने उद्योगपति मित्रों को दे दिया।
कुरुद विधानसभा क्षेत्र में एक अन्य रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी वाद्रा ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी जहां भी सत्ता में है वहां वह गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों और मजदूरों की संपत्ति छीनने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ''..वे (भाजपा के नेतृत्व वाला केंद्र) देश की संपत्ति को बड़े उद्योगपतियों को औने-पौने दाम पर बेच रहे हैं। रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे आदि जो पहले आपके (लोगों के) हाथों में थे, आज वे किसके हाथों में हैं (लोगों ने जवाब दिया अडाणी)। ये अडाणी कौन है? क्या वह देश का गरीब या किसान या मजदूर है? वह क्या करता है? कभी टाटा और बिड़ला जैसे बड़े उद्योगपति थे और आज भी वे हैं। लेकिन आप जानते हैं कि वे क्या बना रहे हैं... मुझे बताइए कि अडाणी और अंबानी जी क्या बना रहे हैं। क्या कोई बता सकता है कि (उनके संस्थानों में) कितने मजदूर काम करते हैं और वे कितने लोगों को काम देते हैं। आप कुछ नहीं बता सकते। उन्होंने कुछ नहीं किया, बल्कि जो आपका था, वह ले लिया।''
गांधी ने कहा, ''यह आपकी संपत्ति थी जो आपकी जेब में जानी चाहिए थी। यह आपका पैसा था जिससे प्रधानमंत्री जी ने आठ हजार करोड़ रुपये के विमान खरीदे। उन्होंने ऐसे दो विमान खरीदे हैं। ये आपकी संपत्ति थी जिससे दिल्ली में 27 हजार करोड़ रुपये से एक हॉल बनाया गया...इतना पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है। यह पैसा किसका है। अडाणी जी मोदी जी या रमन सिंह जी का? यह आपका पैसा है जो उनकी जेब में जा रहा है। आप सतर्क रहें।''
उन्होंने जनता से कहा, ''उनसे कहिए कि उद्योगपतियों का कर्ज माफ करना बंद करें, किसानों का कर्ज माफ करें और सभी को पेंशन दें..क्या उनमें हिम्मत है? उनमें साहस नहीं है। दरअसल , वे सरकार नहीं चला रहे हैं, ये अडाणी हैं जो सरकार (केंद्र में) को चला रहे हैं। वह (प्रधानमंत्री मोदी) उनसे डरते हैं.. जहां भी भाजपा सत्ता में है, गरीबों, मध्यम वर्ग, मजदूरों और किसानों की संपत्ति छीन ली जा रही है और उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है।''
गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा की नींव स्वतंत्रता संग्राम है, जो कहती है कि देश में लोग सर्वोच्च हैं।
उन्होंने कहा, ''हमारी विचारधारा की नींव आजादी की लड़ाई में रखी गई जिसमें सिर्फ नेताओं ने हिस्सा नहीं लिया बल्कि आपके दादा-दादी ने भी हिस्सा लिया। उनकी विचारधारा सत्य थी। सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सच्चाई होनी चाहिए। देश में सच्चाई के लिए जगह होनी चाहिए। अगर कोई नेता झूठ बोलता है तो यह हमारी विचारधारा के खिलाफ है। अगर कोई जाति या धर्म के आधार पर लोगों को आपस में लड़ाता है तो यह हमारी विचारधारा के खिलाफ है.. हमारी विचारधारा कहती है कि देश में लोग सर्वोच्च हैं। कोई भी नेता जनता से बढ़कर नहीं हो सकता। कोई भी नेता सत्ता का केंद्र नहीं बन सकता। हमारा मानना है कि देश की शक्ति, ताकत और संपत्ति देश के लोगों के हाथों में होनी चाहिए।''
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