ताजा खबरें | केंद्र का वित्तवर्ष 2026 में उपकर से 4.18 लाख करोड़ रुपये एकत्र करने का लक्ष्य
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्र का लक्ष्य चालू वित्तवर्ष में 4.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उपकर संग्रह करना है, जो केंद्रीय बजट वित्तवर्ष 2025 के संग्रह के संशोधित अनुमानों से 8 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी मंगलवार को संसद को दी गयी।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई केंद्र का लक्ष्य चालू वित्तवर्ष में 4.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उपकर संग्रह करना है, जो केंद्रीय बजट वित्तवर्ष 2025 के संग्रह के संशोधित अनुमानों से 8 प्रतिशत अधिक है। यह जानकारी मंगलवार को संसद को दी गयी।
इसी प्रकार, चालू वित्तवर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में अधिभार से संग्रह, लगभग 13 प्रतिशत बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 271 के तहत केंद्र सरकार द्वारा संघ के उद्देश्यों के लिए उपकर और अधिभार लगाए जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे अधिभार और उपकर से प्राप्त राशि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के वित्तपोषण जैसी कुछ विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने में जाती है। इस तरह के व्यय का लाभ राज्यों को भी मिलता है।’’
सदन के साथ साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, केंद्र ने वित्तवर्ष 2026 में उपकर से 4.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक एकत्र करने का बजट रखा है, जो वित्तवर्ष 2025 के संशोधित अनुमान के अनुसार लगभग 3.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
वित्तवर्ष 2026 में अधिभार संग्रह बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का बजट है, जो वित्तवर्ष 2025 के संशोधित अनुमान के अनुसार 1.53 लाख करोड़ रुपये था।
अधिभार और उपकर से प्राप्त राशि विभाज्य पूल का हिस्सा नहीं है और इसलिए इसे राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता है। केंद्र द्वारा एकत्रित सकल कर राजस्व विभाज्य पूल का हिस्सा होता है और केंद्र और राज्यों के बीच वितरित किया जाता है।
वर्तमान में, आठ अलग-अलग उपकर लागू हैं। ये हैं कृषि अवसंरचना और विकास उपकर; कच्चे तेल पर उपकर; निर्यात पर उपकर; जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर; स्वास्थ्य उपकर; स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर; राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क; और सड़क एवं अवसंरचना उपकर।
सीमा शुल्क के अंतर्गत कॉर्पोरेट कर, आयकर और सामाजिक कल्याण अधिभार पर अधिभार लगाया जाता है।
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