देश की खबरें | कलकत्ता उच्च न्यायालय बार ने न्यायाधीशों की नियुक्ति पर न्यायालय के वकीलों के प्रस्ताव को खारिज किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय में बार की तीन शाखाओं ने उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) के शीर्ष अदालत में वकालत कर रहे वकीलों को उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) से इस प्रस्ताव को खारिज करने का अनुरोध किया।

कोलकाता, 22 जून कलकत्ता उच्च न्यायालय में बार की तीन शाखाओं ने उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) के शीर्ष अदालत में वकालत कर रहे वकीलों को उच्च न्यायालयों में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) से इस प्रस्ताव को खारिज करने का अनुरोध किया।

कलकत्ता उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, बार लाइब्रेरी क्लब और इनकॉर्पोरेटेड लॉ सोसाइटी ने एक संयुक्त प्रस्ताव में एससीबीए के प्रस्ताव पर अपने विरोध व्यक्त किया। संघ के प्रतिनिधियों ने यहां यह जानकारी दी।

प्रस्ताव में कहा गया कि तीनों बार के सदस्यों ने “सर्वसम्मत से एससीबीए द्वारा बढ़ाए गए प्रस्ताव का कड़ा विरोध करने का संकल्प व्यक्त किया है।” तीनों बार ने संयुक्त रूप से प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर उनसे एससीबीए के प्रस्ताव को खारिज करने तथा इसके आधार पर अगर कोई निर्देश दिया गया हो तो उसे वापस लेने का अनुरोध किया है।

एससीबीए ने प्रस्ताव दिया था कि उसे उच्चतम न्यायालय में वकालत कर रहे वकीलों के नाम की अनुशंसा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पद के लिये करने की मंजूरी दी जानी चाहिए और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों द्वारा ऐसी अनुशंसाओं पर विचार किया जाए।

बार ने दावा किया कि यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 217(2) की भावना के खिलाफ है जो उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है।

उन्होंने कहा, “माननीय उच्चतम न्यायालय में वकालत कर रहा एक अधिवक्ता उच्च न्यायालय का वकील नहीं है और वह संवैधानिक प्रावधान के अनुरूप उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिये योग्य नहीं है।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now