ताजा खबरें | 2024-25 का बजट भाजपा का नहीं बल्कि राजग का : देवेगौड़ा
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) नेता एच. डी. देवेगौड़ा ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार द्वारा पेश किया गया बजट भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का बजट है।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (एस) नेता एच. डी. देवेगौड़ा ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार द्वारा पेश किया गया बजट भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का बजट है।
उच्च सदन में आम बजट 2024-25 एवं जम्मू कश्मीर के बजट पर एक साथ हो रही चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने बजट के प्रावधानों का स्वागत किया और कहा कि यह भाजपा का नहीं बल्कि राजग का बजट है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिपक्वता दिखायी है और उन्होंने अपनी काफी अच्छी टीम बनायी है। उन्होंने कहा कि राजग के सभी लोग उनके साथ हैं और उनका समर्थन करते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पार्टी जद (एस) ने लोकसभा चुनाव में सिर्फ दो सीट पर जीत हासिल की लेकिन प्रधानमंत्री ने उनकी पार्टी को एक कैबिनेट मंत्री का पद दिया।
उन्होंने कहा कि पहली बार वह 1960 के दशक में एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर गुजरात गए थे और उसके बाद से गुजरात में काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 10 साल से ज्यादा समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इस दौरान उनके नेतृत्व में गुजरात ने काफी विकास किया।
देवेगौड़ा ने बजट में कृषि से जुड़े प्रावधानों का जिक्र करते हुए उनकी सराहना की और कहा कि इससे क्षेत्र में प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा बजट के प्रावधानों से कृषि उत्पादों की बर्बादी पर रोक लगेगी और उत्पादों का मूल्यवर्धन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि करीब 5-6 दशक तक कृषि पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया और जब वह 1990 के दशक में पहली बार संसद सदस्य बने थे, उस समय कुल श्रम बल में कृषि की हिस्सेदारी 68 प्रतिशत थी जो अब घटकर 40 प्रतिशत हो गयी है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों पीवी नरसिंह राव और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में उदारीकरण और आर्थिक सुधारों के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे स्थिति में बदलाव आया।
देवेगौड़ा ने रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना पर बल दिया और कहा कि अब विनिवेश की नहीं बल्कि पुनर्निवेश की जरूरत है। रोजगार में वृद्धि के लिए उन्होंने निजी क्षेत्र के विकास पर बल दिया।
उन्होंने बेंगलुरू शहर में पानी की गंभीर समस्या का भी जिक्र किया और कहा कि पेयजल लोगों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरू अब महानगर बन गया है जिसकी आबादी बढ़कर 1.34 करोड़ हो गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश के देवता (इन्द्र) के कारण कर्नाटक को कुछ राहत मिली है।
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