देश की खबरें | तेलंगाना की राज्यपाल सौंदरराजन के उस्मानिया हॉस्पिटल को लेकर ट्वीट पर भड़की बीआरएस सरकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल (ओजीएच) की ‘‘बदहाल स्थिति’’ पर बुधवार को तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन के ट्वीट की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने तीखी आलोचना की।

हैदराबाद, 28 जून उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल (ओजीएच) की ‘‘बदहाल स्थिति’’ पर बुधवार को तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन के ट्वीट की सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने तीखी आलोचना की।

स्वास्थ्य मंत्री टी. हरीश राव ने कहा कि राज्यपाल स्वास्थ्य क्षेत्र में तेलंगाना के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं।

राज्यपाल ने ओजीएच में फर्श पर लेटे मरीजों की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘सदी पुराने प्रतिष्ठित उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल की बदहाल स्थिति देखकर चिंतित हूं। पठन-पाठन और उपचार के इस केंद्र का गौरव जल्द बहाल किया जाना चाहिए।’’

सौंदरराजन ने चिकित्सा शिक्षा निदेशक को ‘‘ज्वाइंट एसोसिएशन फॉर न्यू ओजीएच’’ द्वारा दिए गए एक आवेदन को भी टैग किया। राज्यपाल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया जताते हुए हरीश राव ने कहा कि मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 2015 में 200 करोड़ रुपये की लागत से ओजीएच की नयी इमारत के निर्माण के लिए घोषणा की थी। हालांकि, कुछ कानूनी मुद्दों के कारण मामला अदालत में पहुंच गया।

मंत्री ने कहा, ‘‘वह गलती ढूंढने का प्रयास कर रही हैं। जब राज्य सरकार ने 1.62 करोड़ लोगों का सफलतापूर्वक नेत्र परीक्षण कराया और केवल 100 दिनों में जरूरतमंदों के लिए चश्मे वितरित किए तो उन्होंने क्यों नहीं ट्वीट किया?’’

उन्होंने सवाल किया कि जब राज्य के स्वामित्व वाले निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को और अधिक बिस्तरों के साथ विस्तारित किया गया तो कोई ट्वीट क्यों नहीं किया गया?

मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्यपाल इस तथ्य को चिह्नित करने में विफल रहीं कि मातृ मृत्यु दर को प्रति एक लाख जीवित बच्चों के जन्म पर केवल 43 तक लाने में तेलंगाना शीर्ष तीन स्थान पर है और नीति आयोग ने भी इसकी पुष्टि की है। राव ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसवों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है।

राजभवन और बीआरएस नीत सरकार कई मुद्दों पर आमने-सामने है। सौंदरराजन ने उनके पद के संबंध में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने की शिकायत की है, जबकि सरकार ने राज्यपाल पर कुछ विधेयकों को लंबित रखने के साथ उनके कामकाज की शैली पर भी एतराज जताया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now