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खेल की खबरें | अभिषेक की सफलता का मूल मंत्र: निडर होकर बल्लेबाजी करना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. टी20 क्रिकेट जैसे अनिश्चित प्रकृति के प्रारूप में जहां एक बल्लेबाज को सफलता से अधिक असफलताएं मिलती हैं, लेकिन भारत के नए पावर-हिटर अभिषेक शर्मा ने बहुत पहले ही यह मूल मंत्र गांठ लिया था कि सफल होने के लिए उन्हें पूरे आत्मविश्वास और निडर होकर खेलना होगा।

खेल की खबरें | अभिषेक की सफलता का मूल मंत्र: निडर होकर बल्लेबाजी करना

मुंबई, तीन फरवरी टी20 क्रिकेट जैसे अनिश्चित प्रकृति के प्रारूप में जहां एक बल्लेबाज को सफलता से अधिक असफलताएं मिलती हैं, लेकिन भारत के नए पावर-हिटर अभिषेक शर्मा ने बहुत पहले ही यह मूल मंत्र गांठ लिया था कि सफल होने के लिए उन्हें पूरे आत्मविश्वास और निडर होकर खेलना होगा।

पंजाब के इस 24 वर्षीय बल्लेबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में 2024 में शानदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम में जगह बनाई और वह एक साल के अंदर अपनी विशेष छाप छोड़ने में सफल रहे।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पहला शतक (46 गेंद) भारत की तरफ से इस प्रारूप में तीसरा सबसे तेज शतक था। उनका दूसरा शतक (37 गेंद) सबसे छोटे प्रारूप में भारत की तरफ से दूसरा सबसे तेज शतक है।

इस बीच, उन्होंने प्रतिष्ठित सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में 28 गेंदों में शतक लगाकर नया भारतीय रिकॉर्ड बनाया था।

अभिषेक के खेल में युवराज सिंह की झलक दिखाई देती है जो इस युवा क्रिकेटर के मार्गदर्शक भी रहे हैं। अभिषेक ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 54 गेंद पर 135 रन बनाने के बाद युवराज का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘अभ्यास के दौरान मेरा फोकस बहुत स्पष्ट था। युवी पाजी ने तीन या चार साल पहले ये सभी बातें मेरे दिमाग में डाल दी थीं।’’

अभिषेक ने कहा, ‘‘युवी पाजी मुझ पर विश्वास करते हैं और जब युवराज सिंह जैसा कोई व्यक्ति आपसे कहता है कि आप देश की तरफ से खेलोगे और आप भारत के लिए मैच विजेता बनोगे तो जाहिर तौर पर आप यह सोचने की कोशिश करते हैं कि ठीक है मैं देश के लिए खेलूंगा। भारत और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’

इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा, ‘‘उन्होंने (युवराज और पंजाब के कोच वसीम जाफर) मेरे क्रिकेट करियर में अहम प्रमुख भूमिका निभाई है और उम्मीद है कि वे ऐसा करना जारी रखेंगे। लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूं वह उनकी (युवराज) वजह से हूं।’’

एक युवा क्रिकेटर में आत्म-संदेह और असुरक्षा की भावना होना स्वाभाविक है, लेकिन अभिषेक की सफलता की कहानी बताती है कि भारतीय टीम प्रबंधन और उनके अन्य शुभचिंतकों का उन पर भरोसा बनाए रखने से भी उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद मिली।

अभिषेक ने कहा, ‘‘ वह (युवराज) ऐसे व्यक्ति हैं जो हमेशा मेरी मदद के लिए तैयार रहते हैं। मैंने हमेशा उनकी सलाह पर अमल किया है क्योंकि वह इस खेल के बारे में मुझसे बेहतर जानते हैं। इसलिए मैंने हमेशा उन पर विश्वास किया है।’’

अभिषेक ने कहा कि टीम प्रबंधन ने उन्हें हर संभव प्रयास करने और असफलताओं की चिंता न करने का जो आत्मविश्वास दिया है, उससे भी मदद मिलती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस श्रृंखला से पहले कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था और जब आपका कप्तान और कोच आपसे कहते हैं कि आपको अपना स्वाभाविक खेल बरकरार रखना है और हम हमेशा आपका साथ देंगे तो एक युवा खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ी प्रेरणा होती है।’’

अभिषेक से जब युवराज के एक ओवर में छह छक्काें का रिकॉर्ड तोड़ने के संदर्भ में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि निकट भविष्य में यह रिकॉर्ड तोड़ा जा सकता है। मैं नहीं जानता कि कोई यह रिकॉर्ड तोड़ पाएगा या नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ जब आप अपना स्वाभाविक खेल खेलते हो तो आप अपनी रणनीति के हिसाब से खेलते हो। मैंने युवी पाजी से भी पूछा था और कि वह भी एक ओवर में छह छक्के लगाने की सोच के साथ मैदान पर नहीं उतरे थे लेकिन जब आप एक निश्चित मानसिकता के साथ खेलते हैं तो ऐसा हो जाता है।’ ’

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2025 02:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).