देश की खबरें | एजेंसी का दुरुपयोग हो रहा है, लेकिन हम पूरा सहयोग करेंगे: भूपेश बघेल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कथित शराब घोटाले में अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि कांग्रेस अदाणी द्वारा राज्य में जंगल काटने और खनन करने के रास्ते में बाधा पैदा कर रही है।
रायपुर, 18 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कथित शराब घोटाले में अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि कांग्रेस अदाणी द्वारा राज्य में जंगल काटने और खनन करने के रास्ते में बाधा पैदा कर रही है।
ईडी ने शुक्रवार को कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को दुर्ग जिले के भिलाई में उनके आवास से गिरफ्तार किया।
निदेशालय ने आज सुबह भूपेश बघेल के निवास पर छापा मार था तथा बाद में चैतन्य को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में ले लिया। बाद में चैतन्य बघेल को यहां एक विशेष अदालत में पेश किया गया।
भूपेश बघेल और विपक्ष के नेता चरण दास महंत समेत कांग्रेस विधायक विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद अदालत परिसर पहुंचे।
महंत ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसी विपक्षी नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान करने की कोशिश कर रही है।
अदालत परिसर में ‘पीटीआई-वीडियो’ से बात करते हुए, बघेल ने कहा,‘‘आप सभी इस बात से अवगत हैं कि अदाणी खनन करना और जंगल काटना चाहते थे और कांग्रेस इसमें बाधा डाल रही थी। इसी के चलते यह कार्रवाई की जा रही है।’’
इससे पहले, भिलाई स्थित अपने आवास के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए, भूपेश बघेल ने कहा, ‘‘अपने आका को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने मेरे घर ईडी भेज दी है। हम न डरने वाले हैं, न झुकने वाले। भूपेश बघेल नहीं डरेगा। हम सच्चाई की लड़ाई लड़ेंगे। एक तरफ बिहार में निर्वाचन आयोग की मदद से मतदाताओं के नाम (मतदाता सूची से) हटाए जा रहे हैं...प्रजातंत्र का चीरहरण किया जा रहा है। दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए ईडी, आईटी, सीबीआई, डीआरआई का दुरुपयोग किया जा रहा है। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘ईडी पहले भी आ चुकी है और मेरे घर पर छापा मारा था तथा मेरे घर से 33 लाख रुपये बरामद किए थे। अब वे (ईडी अधिकारी) फिर आए हैं, इसका क्या मतलब है? हम पूरा सहयोग करेंगे...चाहे भरोसा हो या न हो, हम लोकतंत्र और न्यायपालिका में विश्वास करते हैं। वे (भाजपा के नेता) एजेंसी का दुरुपयोग कर रहे हैं, लेकिन हम उनका सहयोग करेंगे।’’
अपने बेटे चैतन्य के जन्मदिन के दिन हुई छापेमारी के समय पर सवाल उठाते हुए, भूपेश बघेल ने कहा, ‘‘जन्मदिन का जैसा तोहफा मोदी और शाह जी देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी। और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है। इन तोहफों का धन्यवाद। ताउम्र याद रहेगा।’’
आज सुबह ईडी के छापे की जानकारी मिलने के बाद बघेल के समर्थक उनके निवास स्थान के सामने बड़ी संख्या में एकत्र हो गए तथा ईडी और भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
छापे दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी बघेल निवास और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किया गया। बाद में ईडी के अधिकारी बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को एक वाहन में अपने साथ ले गए।
इससे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ने 10 मार्च को चैतन्य बघेल के खिलाफ इसी तरह की छापेमारी की थी।
इससे पहले, बघेल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था, ''ईडी आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अदाणी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था। भिलाई निवास में 'साहेब' ने ईडी भेज दी है।’’
इस महीने की शुरुआत में बघेल ने रायगढ़ जिले के तमनार तहसील का दौरा किया और स्थानीय ग्रामीणों को समर्थन दिया था, जो क्षेत्र में एक कोयला खदान परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहे हैं।
यह खदान महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (महाजेनको) को आवंटित है, जिसने अदाणी समूह को एमडीओ (खदान विकासकर्ता सह संचालक) का ठेका दिया है।
ईडी ने पहले दावा किया था कि चैतन्य बघेल पर कथित शराब घोटाले से धन प्राप्त करने का संदेह है।
यह कहा गया कि इस घोटाले के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और शराब घोटाले में शामिल गिरोह के लाभार्थियों के जेबों में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि गई।
इस मामले में ईडी ने जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा रायपुर के महापौर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य लोगों को जांच के तहत गिरफ्तार किया था।
ईडी के अनुसार छत्तीसगढ़ में यह कथित शराब घोटाला 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 04:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

