विदेश की खबरें | थाईलैंड : पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनवात्रा को आठ साल की कैद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पूर्व नेता उसी दिन स्वदेश लौटे, जब उनकी पार्टी नयी सरकार के गठन के लिए संसद में अहम मतदान का सामना कर रही है।
पूर्व नेता उसी दिन स्वदेश लौटे, जब उनकी पार्टी नयी सरकार के गठन के लिए संसद में अहम मतदान का सामना कर रही है।
थाकसिन ने कहा कि स्वदेश वापसी के उनके फैसले का संसद में प्रधानमंत्री पद के वास्ते फ्यू थाई पार्टी के उम्मीदवार के लिए होने वाले संभावित मतदान से कोई लेना-देना नहीं है।
हालांकि, कई लोगों का मानना है कि थाईलैंड लौटने का थाकसिन का कदम सत्ता हासिल करने की उनकी पार्टी की कोशिशों का हिस्सा है और 74 वर्षीय अरबपति नेता की देश वापसी को आसान बनाने के लिए उनकी पार्टी ने सेना समर्थक पार्टियों के साथ समझौता किया है।
थाकसिन सिंगापुर से अपने निजी जेट विमान से थाईलैंड के लिए रवाना हुए और स्थानीय समयानुसार सुबह करीब नौ बजे डॉन म्युआंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे।
थाईलैंड के प्रसारकों ने हवाई अड्डा पर अपनी बेटी और फ्यू थाई की अहम सदस्य पाएतोंगतार्न शिनवात्रा के साथ निजी जेट विमान से उतरते थाकसिन की तस्वीरें प्रसारित कीं। थाकसिन के समर्थकों ने हवाई अड्डा पर उनका स्वागत किया।
हवाई अड्डा से निकलने के बाद थाकसिन ने टर्मिनल के द्वार पर लगी थाईलैंड के राजा और रानी की तस्वीर पर पुष्पमाला अर्पित की और उन्हें नमन किया। उन्होंने समर्थकों और टर्मिनल के बाहर खड़े मीडियाकर्मियों का अभिवादन किया, लेकिन उनसे कोई बात नहीं की।
थाकसिन के थाईलैंड पहुंचने के घंटों पहले ही उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डा पर समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। इस दौरान फ्यू थाई पार्टी के अहम नेता भी वहां मौजूद थे।
अरबपति नेता थाकसिन (74) ने लोकलुभावन नीतियों को बढ़ावा दिया और अपनी थाई राक थाई पार्टी को मजबूत स्थिति में ले आए। वह 2001 में पहली बार प्रधानमंत्री चुने गए। इसके बाद 2005 में एक बार फिर इस पद पर काबिज हुए। हालांकि, 2006 में सैन्य तख्तापलट के बाद अपदस्थ किए जाने पर वह निर्वासन में चले गए।
थाकसिन की अनुपस्थिति में उन्हें कई आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया गया था। इन आरोपों के बारे में थाकसिन का कहना था कि ये राजनीति से प्रेरित हैं और शाही माफी मिलने तक उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।
थाकसिन का काफिला पहले उच्चतम न्यायालय गया, जहां निर्वासन के दौरान उन पर लगे आरोपों को लेकर उनकी आपराधिक दोषसिद्धि एवं सजा की पुष्टि की गई। इसके बाद वह अदालत से निकले और बैंकॉक की मुख्य जेल पहुंचे।
फ्यू थाई में अहम स्थान रखने वाली उनकी बेटी पाएतोंगतार्न शिनवात्रा ने फेसबुक पर थाकसिन के साथ परिवार की तस्वीरें साझा कीं और संदेश भी लिखा, जिसमें उन्होंने उनके पिता के स्वागत के लिए हवाई अड्डा पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया और कहा, ‘‘मैं और मेरा परिवार इसके लिए बेहद आभारी है।’’
शनिवार को ‘बीबीसी थाई’ के साथ एक साक्षात्कार में थाकसिन ने कहा था कि मतदान की तारीख तय होने से पहले ही उनकी स्वदेश वापसी की योजना थी और वह थाई कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के लिए तैयार हैं।
मई में होने वाले चुनाव से एक सप्ताह पहले थाकसिन ने घोषणा की थी कि वह जुलाई में अपने जन्मदिन पर स्वदेश लौट सकते हैं। लेकिन थाईलैंड लौटने की उनकी योजना बार-बार टलती रही।
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