थाई एयरवेज दिवालिया कानून के तहत करेगी कारोबार का पुनर्गठन

थाई एयरवेज कोरोना वायरस संकट से पहले से वित्तीय परेशानियों का सामना कर रही थी। अब कोविड-19 संकट ने देश के यात्रा और पर्यटन उद्योग पर लगभग ताला लगा दिया है।

सरकारी प्रवक्ता नारुमन पिनयोसिनवाट ने सोमवार को कहा कि कंपनी को संकट से उबारने के लिए उद्यम नीति कार्यालय ने एक योजना पेश की है। इसे मंगलवार को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। हालांकि, उन्होंने पुनर्गठन योजना की विस्तृत जानकारी नहीं दी।

थाई एयरवेज कोरोना वायरस संकट से पहले से वित्तीय परेशानियों का सामना कर रही थी। अब कोविड-19 संकट ने देश के यात्रा और पर्यटन उद्योग पर लगभग ताला लगा दिया है।

कंपनी ने शुरुआती तौर पर सरकार से 54 अरब बाट (थाईलैंड की मुद्रा) यानी 1.7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मांग की थी। अनुमान है कि दिवाला कानून के तहत कंपनी के पुनर्गठन से उसमें सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से नीचे आ सकती है, जो एक तरह से कंपनी का निजीकरण होगा। इस प्रक्रिया में कर्मचारियों की छंटनी, विमानों और उड़ानों में कमी किए जाने की संभावना है।

थाई एयरवेज को 2019 में 12 अरब बाट (37.43 करोड़ डॉलर) का नुकसान हुआ था। वहीं 2018 में 11.6 अरब बाट (36.19 करोड़ डॉलर) और 2017 में 2.11 अरब बाट (6.58 करोड़ डॉलर) था।

थाईलैंड की मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक कंपनी पर करीब 300 अरब बाट (9.4 अरब डॉलर) के कर्ज का बोझ है।

कोरोना वायरस संकट के बीच कंपनी ने अप्रैल की शुरुआत से अपनी उड़ानों का परिचालन बंद कर रखा है। सभी कर्मचारियों के वेतन में कटौती करके उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है।

सरकार ने पिछले हफ्ते देश में सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के आने पर प्रतिबंध जून तक बढ़ा दिया।

एपी

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