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देश की खबरें | आतंकवादी और सीमापार के उनके समर्थक जम्मू-कश्मीर में ‘नये आतंकी तरीकों’ का इस्तेमाल कर रहे हैं : उपराज्यपाल सिन्हा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि आतंकवादी और उनके सीमापार के समर्थक क्षेत्र में आतंकवाद के नये तरीके अपना रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवादियों के ढांचे को नष्ट करने को प्रतिबद्ध है।

देश की खबरें | आतंकवादी और सीमापार के उनके समर्थक जम्मू-कश्मीर में ‘नये आतंकी तरीकों’ का इस्तेमाल कर रहे हैं : उपराज्यपाल सिन्हा

उधमपुर, नौ जून जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बृहस्पतिवार को कहा कि आतंकवादी और उनके सीमापार के समर्थक क्षेत्र में आतंकवाद के नये तरीके अपना रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवादियों के ढांचे को नष्ट करने को प्रतिबद्ध है।

सिन्हा ने पुलिसकर्मियों के पासिंग आउट परेड में कहा, ‘‘आतंकवादी, उनके समर्थक और उनके साथ सहयोग करने वाले लोग यहां नये तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि नयी रणनीतियों और बहुआयामी आतंकवाद को ध्यान में रखते हुए अतीत के मुकाबले हमें और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

उपराज्यपाल ने पुलिस से कहा कि जो लोग आतंकवादियों का समर्थन करते हैं या उन्हें पनाह देते हैं उन्हें भी आतंकवादी माना जाए और उनके साथ भी आतंकवादियों की तरह व्यवहार किया जाए।

उन्होंने कहा, ‘‘जो व्यक्ति आतंकवादियों को पनाह देता है या उनका समर्थन करता है, वह भी लोगों की जान लेने वाले आतंकवादी जितना ही गुनाहगार है। जो इस पूरे तंत्र को चलाता है वह भी उतना ही बड़ा गुनाहगार है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दोनों को एक जैसी सजा मिलनी चाहिए क्योंकि दोनों ही मानवता के दुश्मन हैं।’’

ऐसी घटनाओं में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों को आश्वासन देते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि उनके हत्यारों को जल्दी ही न्याय की जद में लाया जाएगा।

उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘मैं शहीदों के परिवारों को आश्वासन देना चाहता हूं कि आपके हर आंसू का बदला लिया जाएगा। मासूमों की जान लेने वाले सभी लोगों को जबतक खत्म नहीं कर देते, सुरक्षा बल चैन से नहीं बैठेंगे।’’

उन्होंने कहा कि भारत वर्षों तक पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से पीड़ित रहा है, हालांकि सुरक्षा बलों ने बहुत हद तक उनके तंत्र की कमर तोड़ दी है, लेकिन अभी भी कुछ मुट्ठी भर बचे हैं जो क्षेत्र में इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा प्रतिष्ठानों के लिए नयी चुनौती बताया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2022 08:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).