विदेश की खबरें | आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा, तस्करी एवं साइबर सुरक्षा को सहयोग के ‘चार स्तम्भ’ के रूप में पहचाना गया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच हुई त्रिपक्षीय सुरक्षा बैठक में आतंकवाद एवं कट्टरपंथ, समुद्री सुरक्षा, तस्करी एवं संगठित अपराध और साइबर सुरक्षा संबंधी मामलों को सहयोग के ‘‘चार स्तम्भों’’ के रूप में पहचाना गया। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
कोलंबो (श्रीनगर), छह अगस्त भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच हुई त्रिपक्षीय सुरक्षा बैठक में आतंकवाद एवं कट्टरपंथ, समुद्री सुरक्षा, तस्करी एवं संगठित अपराध और साइबर सुरक्षा संबंधी मामलों को सहयोग के ‘‘चार स्तम्भों’’ के रूप में पहचाना गया। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उच्चायोग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन की उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की पहली बैठक चार अगस्त को ऑनलाइन हुई और इसकी मेजबानी श्रीलंका ने की थी। विज्ञप्ति में बताया गया कि बैठक में साझा सुरक्षा खतरों पर विचार रखे गए और यह बैठक गर्मजोशी से भरे और सकारात्मक माहौल में आयोजित की गई।
भारतीय मिशन ने बताया कि बैठक में ‘‘समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद एवं कट्टरता, तस्करी एवं संगठित अपराध और साइबर सुरक्षा संबंधी मामलों को कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत सहयोग के चार स्तम्भों के रूप में पहचाना गया।’’
बैठक में नियमित संवाद करने, संयुक्त अभ्यास करने, क्षमता निर्माण करने और प्रशिक्षण गतिविधियों समेत इन स्तम्भों और सहयोग के विशेष प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में भाग लेने वाले सभी पक्षों ने क्षेत्रीय सहयोग की भावना के अनुरूप अपनी-अपनी क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग एवं समन्वय की अहम भूमिका पर जोर दिया।
सुरक्षा सम्मेलन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और श्रीलंका की सेना के कमांडर जनरल एल एच एस सी सिल्वा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। भारत का प्रतिनिधित्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सरन ने किया, जबकि मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय में एनएसए के कार्यालय में सचिव ऐशथ नूशिन वहीद ने मालदीव का प्रतिनिधित्व किया। बैठक में बांग्लादेश, मॉरीशस और सेशेल्स ने भी पर्यवेक्षकों के रूप में भाग लिया।
कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन शुरू करने का निर्णय नवंबर 2020 में भारत, लंका और मालदीव की एनएसए-स्तरीय बैठक में लिया गया था, ताकि तीनों हिंद महासागर देशों के बीच समुद्री एवं सुरक्षा मामलों पर घनिष्ठ सहयोग हो सके।
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