देश की खबरें | आतंकवाद का वित्तपोषण: एनआईए से हुर्रियत नेता नईम खान की जमानत याचिका पर जवाब तलब
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना हाफिज सईद की संलिप्तता वाले आतंकी वित्त पोषण मामले में अलगाववादी नेता नईम अहमद खान की एक जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब मांगा।
नयी दिल्ली, दो फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकवादी हमले के सरगना हाफिज सईद की संलिप्तता वाले आतंकी वित्त पोषण मामले में अलगाववादी नेता नईम अहमद खान की एक जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की एक पीठ ने इस सिलसिले में एनआईए को नोटिस जारी किया। साथ ही, पीठ ने आरोपी को जमानत देने से इनकार करने वाली निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जांच एजेंसी को जवाब दाखिल करने को कहा।
उच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई 23 मार्च को नियत की है।
खान ने तीन दिसंबर 2022 के निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया साक्ष्य होने का जिक्र करते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता खान को 24 जुलाई 2017 को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी न्यायिक हिरासत में है।
उल्लेखनीय है कि एनआईए ने सईद, हिज्बुल मुजाहिदीन के नेता सैयद सलाहुद्दीन और अन्य के खिलाफ 12,000 पन्नों से अधिक का आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और कश्मीर घाटी में संकट पैदा करने के आरोप लगाये गये हैं।
एनआईए ने आरोपपत्र में कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी सईद पर यह भी आरोप है कि उसने मामले में सह आरोपी एवं कश्मीरी कारोबारी जहूर वताली का इस्तेमाल अलगाववादियों व कुछ व्यक्तियों तक धन पहुंचाने के लिए किया, जो घाटी के विभिन्न इलाकों में पथराव में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)