नयी दिल्ली, 30 मई मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि मुंबई में दो प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है।
सर्वोच्च अदालत एमएमआरडीए के उस फैसले के खिलाफ लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) कंपनी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बुनियादी ढांचे की इस प्रमुख कंपनी को परियोजनाओं के लिए बोली लगाने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इन परियोजनाओं में 6,000 करोड़ रुपये की लागत से ठाणे-घोड़बंदर से भयंदर तक सुरंग और ‘एलिवेटेड’ सड़क का निर्माण शामिल है।
सुनवाई की शुरुआत में, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एमएमआरडीए की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी गई है।
प्रधान न्यायाधीश गवई ने मामले को बंद करते हुए कहा, ‘‘यह कहा गया है कि व्यापक जनहित में पूरी निविदा प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। इस प्रकार (एलएंडटी की) याचिका को निरर्थक मानते हुए खारिज किया जाता है।’’
इससे पहले, बृहस्पतिवार को एमएमआरडीए ने मुंबई में दो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए एलएंडटी को अयोग्य ठहराने के अपने फैसले का जोरदार बचाव किया था।
सॉलिसिटर जनरल ने दावा किया था कि कंपनी को अयोग्य ठहराना वैध और महत्वपूर्ण कारणों पर आधारित था। वहीं एमएमआरडीए का प्रतिनिधित्व कर रहे रोहतगी ने अदालत से विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन की समीक्षा करने का आग्रह किया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY