देश की खबरें | तेजस्वी का दावा, नीतीश के करीबी ही उनके बेटे के राजनीति में प्रवेश में रोड़े अटका रहे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी ही सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू)सुप्रीमो (नीतीश) के बेटे निशांत के राजनीतिक करियर में रोड़े अटका रहे हैं जबकि वह सियासी पारी शुरू करने को लेकर इच्छुक हैं।
पटना,18 जून राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी ही सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू)सुप्रीमो (नीतीश) के बेटे निशांत के राजनीतिक करियर में रोड़े अटका रहे हैं जबकि वह सियासी पारी शुरू करने को लेकर इच्छुक हैं।
तेजस्वी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि कुमार की ‘‘भूंजा पार्टी’’ में शामिल होने वाले लोग, जो मुख्यमंत्री के करीबी लोगों के लिए बोलचाल का शब्द है, अपने बच्चों को बढ़ावा देने में व्यस्त हैं।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने आरोप लगाया, ‘‘नीतीश कुमार की ‘भूंजा पार्टी’ उनकी अस्वस्थ मन:स्थिति का पूरा फायदा उठा रही है। उनमें से कई ने अपने बच्चों और करीबी रिश्तेदारों को प्रभावशाली निकायों में नियुक्त करा दिया है।’’
राजद नेता ने हाल के दिनों में राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार पर पक्षपात के आरोप लगा हमले तेज किये हैं। उनके इस तंज कि सरकार के लिए बेहतर होगा कि वह एक ''दामाद आयोग'' स्थापित कर दे, को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थी।
तेजस्वी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी ‘‘निशांत के राजनीति में प्रवेश की संभावना से खतरा महसूस कर रहे हैं, जबकि उनके पिता और वह दोनों इसके लिए इच्छुक प्रतीत होते हैं।’’
कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि 47 वर्षीय निशांत अपने पिता, जो अब 70 वर्ष के हो चुके हैं, के ‘‘उत्तराधिकारी’’ के रूप में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर सकते हैं।
निशांत हाल में कई मौकों पर मीडिया के सामने आए हैं और राजनीति के बारे में बात करने से परहेज नहीं करते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनके प्रवेश के बारे में पूछे गए सवालों को हमेशा ही टाल देते हैं।
तेजस्वी ने प्रभावशाली मंत्री अशोक चौधरी के बयान पर भी चुटकी ली, जिनके दामाद सयान कुणाल को बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का सदस्य बनाया गया है।
सायन के दिवंगत पिता और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी आचार्य किशोर कुणाल पटना स्थित महावीर मंदिर के प्रबंधन वाले ट्रस्ट के प्रमुख थे, जो संभवतः राज्य के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है।
जद (यू) के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी ने यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि जिसका अपना दामन दागदार है वह दूसरों पर निशाना साध रहा है। उन्होंने कहा कि युवा सायन को ‘आरएसएस कोटे से’ राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड का सदस्य बनाया गया है।
राजद नेता ने मंत्री के बयान को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, ‘‘यह केवल उसी बात की पुष्टि करता है जोकि हम हमेशा से कहते आ रहे हैं - भाजपा-आरएसएस ने मुख्यमंत्री को हाईजैक कर लिया है। हम उम्मीद करते हैं कि और ज्यादा जदयू नेता यह बात स्वीकार करेंगे।’’
यादव ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिहार दौरे के सवाल पर कहा, ‘‘ वह हमारे युवाओं को नौकरी देने के लिए यहां नहीं आ रहे हैं, जो बिहार की सबसे बड़ी जरूरत है। प्रधानमंत्री, जो भाई-भतीजावाद के खिलाफ बोलना पसंद करते हैं, उन्हें यहां राजग नेताओं के साथ मंच साझा करने में कोई हिचक नहीं है, जो अपने परिवार के सदस्यों को बेशर्मी से बढ़ावा दे रहे हैं।’’
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