कोलकाता, छह सितंबर चालू कैलेंडर साल के पहले छह माह जनवरी-जून के दौरान चाय का निर्यात 0.81 प्रतिशत घटकर नौ करोड़ 64.9 लाख किलोग्राम रह गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में नौ करोड़ 72.8 लाख किलोग्राम रहा था। चाय बोर्ड के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
इसमें कहा गया है कि उत्तर भारत से निर्यात, जिसमें मुख्य रूप से असम और उत्तरी बंगाल शामिल हैं, मामूली रूप से बढ़कर पांच करोड़ 91.6 लाख किलोग्राम हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में पांच करोड़ 90.9 लाख किलोग्राम का हुआ था।
हालांकि, समीक्षाधीन अवधि में दक्षिण भारत के निर्यात की खेप घटकर तीन करोड़ 73.3 लाख किलोग्राम रह गयी, जबकि जनवरी-जून, 2022 में यहां से तीन करोड़ 81.9 लाख किलोग्राम का निर्यात हुआ था।
पिछले कैलेंडर वर्ष में देश से कुल चाय निर्यात 23 करोड़ 10.8 लाख किलोग्राम रहा था, जो वर्ष 2021 की तुलना में 17.57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। 2021 में निर्यात 19 करोड़ 65.4 लाख किलोग्राम था।
भारतीय चाय संघ (आईटीए) के महासचिव ए राहा ने कहा कि 2023 में निर्यात का आंकड़ा 2022 को पार नहीं कर पाएगा। इसका मुख्य कारण निर्यात बाजारों में मांग में कमी का होना और उस देश के साथ भुगतान संबंधी मसलों के कारण ईरान भेजी जाने वाली खेप में गिरावट आना है।
सीआईएस ब्लॉक के बाद ईरान परंपरागत रूप से भारतीय चाय का एक प्रमुख आयातक रहा है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY