गैर- विर्जिनिया तंबाकू पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाने से 30 हजार करोड़ मिल सकते हैं: एनएचएम

नेशनल हेल्थ फोरम (एनएचएफ) नामक इस गैर- सरकारी संगठन ने हाल ही में इस संबंध में केन्द्रीय वित्त और स्वास्थ्य मंत्रालयों को पत्र लिखकर गैर- विर्जिनिया तंबाकू की बिक्री का नियमन करने को कहा है। वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। यह संगठन तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में काम करता है।

गुवाहटी, 18 मई एक गैर- सरकारी संगठन ने दावा किया है कि गैर- विर्जिनिया तंबाकू पर 30 प्रतिशत की दर से सरकार को 30 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इस राशि का इस्तेमाल सरकार कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में कर सकती है।

नेशनल हेल्थ फोरम (एनएचएफ) नामक इस गैर- सरकारी संगठन ने हाल ही में इस संबंध में केन्द्रीय वित्त और स्वास्थ्य मंत्रालयों को पत्र लिखकर गैर- विर्जिनिया तंबाकू की बिक्री का नियमन करने को कहा है। वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। यह संगठन तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में काम करता है।

एनएचएफ की प्रबंधन ट्रस्टी मंदाकिनी सिंह ने एक वक्तव्य में कहा है, ‘‘हमारे अनुमान के मुताबिक गैर- विर्जिनिया तंबाकू के विर्निमाताओं और डीलरों पर 30 प्रतिशत की दर से उल्टा शुल्क लगाये जाने से राजस्व में 30 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।’’

उन्होंने कहा कि ऐसा करने से कराधान नेटवर्क का विस्तार होगा और तंबाकू की सभी किस्में कर के दायरे में आ जायेंगी। ‘‘कोविड- 19 महामारी की वजह से आर्थिक गतिविधियों को काफी नुकसान हुआ है, ऐसे में गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाने के लिये संसाधनों को बढ़ाने की आवश्यकता है। कर प्राप्ति का एक नया स्रोत मिलने से पुनर्निमाण प्रयासों को बड़ा समर्थन प्राप्त होगा।’’

मंदाकिनी सिंह ने कहा कि गैर- विर्जिनिया तंबाकू का इस्तेमाल कई तरह के तंबाकू उत्पादों में किया जाता है। इसमें हुक्का तंबाकू, गुटखा, किवम, गुडाकू, जर्दा और बीड़ी में इसका इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी उत्पाद कोविड- 19 महामारी को देखते हुये काफी खतरनाक हैं। इन तंबाकुओं को खाने के बाद थूकना पड़ता है। यह कोरोना वायरस महामारी के दौरान घातक हो सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

\