देश की खबरें | न्यूजक्लिक के खिलाफ ‘लक्षित अभियान’ चलाया जा रहा : मीडिया निकाय

नयी दिल्ली, नौ अगस्त कई मीडिया संघों ने बुधवार को कहा कि नेताओं द्वारा न्यूजक्लिक पर पड़ोसी देश के मुखपत्र होने का संकेत देते हुए लगाए जा रहे आरोप ‘‘अवांछित और निंदनीय’’ है।

प्रेस एसोसिएशन, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट और इंडियन वुमेन प्रेस कोर ने एक बयान में कहा, ‘‘न्यूजक्लि अन्य मीडिया मंचों की तरह सरकार की गतिविधियों का आलोचनात्मक परीक्षण करता है। इसका अभिप्राय यह नहीं है कि वह देशभक्त नहीं है या किसी दूसरे देश के लिए काम कर रहा है।’’

कथित ‘लक्षित अभियान’ पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अगर न्यूजक्लिक के वित्तपोषण की जांच की जा रही है तो यह पारदर्शिता उन पोर्टल के संदर्भ में भी होनी चाहिए ‘‘जो सत्ता पक्ष के साथ दिखते हैं।’’

मीडिया निकायों ने कहा, ‘‘पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है कि ऐसे सभी पोर्टल के प्रायोजक और वित्तपोषण स्रोतों का खुलासा किया जाए। इस तरह का खुलासा किए बिना न्यूजक्लिक को निशाना बनाने के लिए उठाए गए कदमों को सही मायने में उसे परेशान करने की कोशिश करार दिया जा सकता है।’’

न्यूजक्लि उस समय चर्चा में आया जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी खबर में दावा किया कि यह न्यूज पोर्टल उस वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा है जिसे अमेरिकी अरबपति नेविली रॉय सिंघम ने वित्तपोषित किया है। सिंघम कथित तौर पर चीन सरकार की मीडिया मशीनरी के साथ करीब से काम करता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर का हवाला देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को कहा कि भारत 2021 से ही दुनिया से कह रहा है कि न्यूजक्लिक ‘चीन के दुष्प्रचार’ का खतरनाक वैश्विक नेटवर्क है जो फर्जी खबरें फैलाता है।

न्यूज पोर्टल और इसके प्रवर्तकों के ठिकानों पर सितंबर 2021 में प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी जिनमें न्यूजक्लिक के संस्थापक और प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ शामिल थे।

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