शिमला, 11 जुलाई हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति मंगलवार को लगातार चौथे दिन बाधित रही क्योंकि लगातार बारिश के बाद भारी गाद के कारण पानी की पंपिंग प्रभावित हुई है।
निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि निवासियों को टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है और दस टैंकरों को सेवा में लगाया गया है।
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड. (एसजेपीएनएल) के अधिकारियों के अनुसार, शिमला में औसत 42-45 एमएलडी के मुकाबले मंगलवार को 6.58 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो पाई क्योंकि गिरि जल स्रोत से पानी पंप नहीं किया जा सका।
गिरि और गुम्मा पानी आपूर्ति के लिए दो प्रमुख स्रोत हैं। प्रत्येक से प्रतिदिन औसतन 15 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन चाबा पंपिंग स्टेशन के क्षतिग्रस्त होने के कारण गुम्मा से सिर्फ 2.23 एमएलडी की आपूर्ति हो पायी। नौतीखाड़ में बाढ़ का पानी भर गया है और गुम्मा स्टेशन का केवल एक पंप काम कर रहा है।
अन्य चार स्रोत चुरोट, सियोग, चैरह और कोटि ब्रांडी से शिमला को 4.35 एमएलडी पानी ही मिल पाया।
राज्य आपदा मोचन केंद्र के आंकड़े के अनुसार, भारी बारिश के कारण जो 1418 जल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, उनमें 606 शिमला जिले की हैं। वहीं जलापूर्ति पाइप लाइन और पंपिंग स्टेशन को नुकसान पहुंचने से समस्या और बढ़ गई।
चौहान ने बताया कि पंपिंग स्टेशन में भारी गाद जमा हो जाने से शिमला शहर में पानी की किल्लत चल रही है।
शिमला में एक चाय विक्रेता ने कहा, ‘‘पिछले तीन दिन से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। यदि आज टैंकर से आपूर्ति नहीं की जाती तो पीने का पानी भी नहीं मिल पाता।’’
एसजेपीएनएल के प्रवक्ता साहिल शर्मा ने लोगों से पानी का इस्तेमाल विवेकपूर्ण तरीके से करने और गैर-पीने के उद्देश्यों के लिए बारिश के पानी का उपयोग करने का आग्रह किया है।
उधर, लोगों ने आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होने की आशंका को देखते हुए सोमवार से बारिश का पानी जमा करना शुरू कर दिया।
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