देश की खबरें | तमिलनाडु: उच्च न्यायालय ने दयानिधि मारन का निर्वाचन बरकरार रखा

चेन्नई, सात मार्च मद्रास उच्च न्यायालय ने 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान चेन्नई सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) उम्मीदवार दयानिधि मारन के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

यह याचिका अधिवक्ता एमएल रवि ने दायर की थी, जिन्होंने खुद चेन्नई सेंट्रल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था।

न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश ने दयानिधि मारन की एक अन्य अर्जी को स्वीकार कर लिया, जिसमें रवि द्वारा दायर याचिका में की गई कुछ दलीलों को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

न्यायाधीश ने कहा, “आज (शुक्रवार को) यानी सात मार्च को पारित आदेश के मद्देनजर इस याचिका पर सुनवाई का कारण नहीं बचता। इसलिए इस याचिका को खारिज किया जाता है।”

मारन की अर्जी पर पारित आदेश में न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता (रवि) ने केवल एक अनुमान पेश किया है कि आवेदक (मारन) ने निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद घरों के बाहर स्टिकर चिपकाने पर कितना खर्च किया गया होगा।

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया इस बात को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था कि निर्वाचन क्षेत्र में घरों के बाहर चिपकाए गए स्टिकर सीधे आवेदक से संबंधित थे।

न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता (रवि) चाहता है कि यह अदालत उसके द्वारा लगाए गए व्यय के अनुमान के आधार पर कार्रवाई करे, ताकि उसे आवेदक (मारन) के कुल खर्च में जोड़ा जा सके।

उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता के प्रयास में कोई दम नहीं है और उपलब्ध दलीलें भ्रष्ट आचरण या जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77 के उल्लंघन के लिए कार्रवाई करने का कोई वाजिब कारण नहीं देती हैं।

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