आत्मनिर्भरता की बात करते हुए भारत कभी भी एकाकी व्यवस्था पर जोर नहीं देता : विदेश सचिव

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के संकट को अवसर में बदलने के लिये आत्मनिर्भर भारत की वकालत की थी और इसके लिये भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया था ।

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नयी दिल्ली, 15 विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत स्वत: ही अधिक वैश्विक बन जायेगा क्योंकि देश आत्म केंद्रित या एकाकी व्यवस्था की बात कभी नहीं करता है ।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के संकट को अवसर में बदलने के लिये आत्मनिर्भर भारत की वकालत की थी और इसके लिये भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया था ।

नेशनल डिफेंस कालेज में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रृंगला ने कहा ‘‘ सभी संकटों का भू-राजनीतिक स्थिति पर प्रभाव पड़ता है और कोविड-19 के बाद भी महत्वपूर्ण बदलाव आयेगा जिसमें शक्तियों का पुन: संतुलन , नयी बहुस्तरीय संवाद व्यवस्था और शक्तियों की ताकत में बदलाव शामिल है। ’’

विदेश सचिव ने कहा, ‘‘ जब हम वैश्विक स्तर पर जुड़े हुए हैं, ऐसे में हमें संकट से उबरने के लिये आत्म निर्भर बनने की जरूरत है जिसकी बात प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में की थी । ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि जब हम आत्मनिर्भरता की बात करते हैं तब आत्म केंद्रित या एकाकी व्यवस्था की बात नहीं करते । एक आत्मनिर्भर भारत स्वत: ही अधिक वैश्विक भारत बन सकेगा । ’’

विदेश सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस ने औषधि की दुनिया में भारत की भूमिका की पुन: पुष्टि की है । उन्होंने कहा कि भारत ने 133 देशों को चिकित्सा आपूर्ति भेजी जिसमें 44.6 करोड़ हाइड्रोक्सिक्लोरोक्विन टैबलेट और 1.54 पैरासिटामोल टैबलेट शामिल हैं।

विश्व के समक्ष महत्वपूर्ण चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्रृंगला ने कहा कि आतंकवाद बढ़ रहा है और ऐसा कैंसर बन गया है जो देशों को अस्थिर और कमजोर करता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हालांकि भारत के प्रयासों से आतंकवाद और इसके प्रायोजक अलग थलग पड़े हैं लेकिन देश को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि दुनिया आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट रूख रखे ।

उन्होंने कहा ‘‘ कट्टरवादी विचारधारा हिंसा और असुरक्षा उत्पन्न कर रही है। सीमापार से जारी आतंकवाद से पीड़ित देश के रूप में हम आतंकवाद को समर्थन, वित्त पोषण और उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं । ’’

दीपक

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